On this day this “very very special” player out from cricket without farewell match, dhoni was a reason behind this | आज ही के दिन ‘वैरी वैरी स्पेशल’ लक्ष्मण इंटरनेशनल क्रिकेट से हुए थे ‘आउट’

On this day this “very very special” player out from cricket without farewell match, dhoni was a reason behind this | आज ही के दिन ‘वैरी वैरी स्पेशल’ लक्ष्मण इंटरनेशनल क्रिकेट से हुए थे ‘आउट’


नई दिल्ली: क्रिकेट हो या कोई और खेल, कोई भी खिलाड़ी अपने पूरे करियर में टीम के लिए मेहनत करने के बाद आखिरी मुकाबला मैदान से ही खेलकर रिटायर होने की तमन्ना रखता है. लेकिन ये ख्वाहिश हर किसी की पूरी नहीं होती. कई बार महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की तरह खेल से इतर कारणों से तो कई बार टीम के अंदर की राजनीति के चलते बहुत सारे महान खिलाड़ियों को बिना फेयरवैल मैच खेले ही मैदान के बाहर से ही ‘गुडबॉय’ कहने के लिए मजबूर  होना पड़ा है.

इन्ही दुर्भाग्यशाली खिलाड़ियों की सूची में एक नाम वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) का भी है, जिन्हें भारतीय क्रिकेट के ‘वैरी वैरी स्पेशल’ क्रिकेटर के तौर पर जाना जाता है. लक्ष्मण ने 2012 में आज ही के दिन यानी 18 अगस्त को क्रिकेट से औपचारिक रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी. दिलचस्प बात ये है कि लक्ष्मण के बिना आखिरी मैच खेले अलविदा कहने के लिए धोनी को ही जिम्मेदार माना जाता है और यह बात कई साल तक विवादों में रही है. हालांकि दोनों ने ही कभी अपने बीच कोई विवाद होने से इंकार किया है.
 

 

भारतीय क्रिकेट की सबसे महान पारी खेली थी वीवीएस ने
यूं तो लक्ष्मण ने अपने 16 साल लंबे करियर में 134 टेस्ट मैच खेलकर 45.97 के औसत से 8,781 रन अपने खाते में जोड़े थे, जिनमें 17 शतक और 56 फिफ्टी शामिल थीं. लेकिन उनकी सबसे महान पारी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 के कोलकाता टेस्ट मैच में 281 रन की पारी रही, जिसे विशेषज्ञ भारतीय क्रिकेट की सबसे महान पारी भी मानते हैं. भारतीय क्रिकेट की सोच बदल देने वाले इस टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की कप्तानी में फॉलोऑन खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया को हराकर तहलका मचा दिया था.

लक्ष्मण के सर्वाधिक टेस्ट स्कोर वाली 281 रन की इस पारी में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के साथ उनकी 376 रन की ऐतिहासिक साझेदारी भी शामिल थी. इसके बाद हरभजन सिंह (Harbhajan Singh)ने अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से पूरा इतिहास ही बदल दिया था. लक्ष्मण ने इसके अलावा 86 वनडे मैचों में भी 2,338 रन बनाए थे. उनकी बल्लेबाजी को कभी वनडे मैच के स्टाइल का नहीं माना गया और इसी कारण लक्ष्मण इतने लंबे करियर के बावजूद कभी वर्ल्ड कप नहीं खेले.

सचिन, द्रविड़, गांगुली संग बने ‘फैब-4’ का हिस्सा
लक्ष्मण ने अपना पहला टेस्ट मैच 20 नवंबर 1996 को अहमदाबाद की बेहद खराब पिच पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था. इस टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 51 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. इसके बाद उनका करियर अगले चार साल डांवाडोल रहा था और वह 16 टेस्ट में कोई शतक नहीं बना पाए थे. अपना 17वां टेस्ट लक्ष्मण ने सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला और इस मैच में जबरदस्त अंदाज में 198 गेंद पर 167 रन की धुआंधार पारी खेल दी. बस यहीं से लक्ष्मण का करियर परवान चढ़ने लगा. 

ऑस्ट्रेलिया उनका हमेशा फेवरेट प्रतिद्वंद्वी रहा. उन्होंने कंगारुओं के खिलाफ 49.67 के औसत से 2434 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 12 फिफ्टी शामिल रही. याद रखिए कि ऑस्ट्रेलिया उस समय दुनिया की नंबर-1 टीम थी और उसकी गेंदबाजी में ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली , जेसन गिलेस्पी और शेन वार्न सरीखे गेंदबाज शामिल थे. इसी प्रदर्शन के कारण लक्ष्मण को सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के साथ भारतीय क्रिकेट के ‘फैब-4’ में गिना जाता है.

अचानक रिटायरमेंट ने धोनी भी आ गए थे विवादों में
लक्ष्मण ने 2011-12 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम इंडिया की 4-0 से हार में अपनी बल्लेबाजी फेल रहने के बाद अचानक न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की टीम में चयन के बावजूद पहले टेस्ट से एक दिन पहले अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी, जबकि इस सीरीज का पहला मैच उनके घरेलू शहर हैदराबाद में ही खेला जा रहा था यानी वो आसानी से अपने दर्शकों के सामने फेयरवैल मैच खेल सकते थे. 

उस समय इसके लिए तत्कालीन कप्तान धोनी को जिम्मेदार ठहराया गया था. ये विवाद तब और बढ़ गया, जब लक्ष्मण ने अपनी रिटायरमेंट की प्रेस कांफ्रेंस में यह कह दिया कि मैंने धोनी के साथ संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जैसा आप जानते हैं कि उन तक पहुंचना बेहद मुश्किल है. लक्ष्मण ने अपनी रिटायरमेंट पार्टी में भी अन्य टीम साथियों को बुलाया, लेकिन धोनी को आमंत्रित नहीं किया. धोनी से जब इस बारे में मीडिया ने पूछा तो उन्होंने भी स्पष्ट कह दिया कि मुझे नहीं बुलाया गया है. इतना ही नहीं धोनी से लक्ष्मण के अचानक संन्यास लेने के बारे में मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ये लक्ष्मण से ही पूछना चाहिए. इन सब बातों से स्पष्ट था कि दोनों लीजेंड के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा था. 





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