मोटर वाहन एक्ट 1989 के फॉर्म 20 में संसोधन का प्रस्ताव पारित
सरकार नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के नियम को सख्त बनाने पर विचार कर रही है. जिसके लिए वाहन पंजीकरण दस्तावेज में संशोधन के लिए सुझाव मांगे हैं.
मोटर वाहन एक्ट 1989 के फॉर्म 20 में संसोधन का प्रस्ताव पारित- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘मंत्रालय की जानकारी में आया है कि लोग गाड़ी के रजिस्ट्रेशन में मालिकाना हक सही ढंग से नहीं दर्ज कराते हैं.’ परिवहन मंत्रालय मोटर वाहन के स्वमित्व में स्पष्टता लाने के मकसद से मोटर वाहन एक्ट 1989 के फॉर्म 20 में संसोधन का प्रस्ताव पारित किया है. मंत्रालय ने बताया कि स्वायत्त निकाय, केंद्र सरकार, धर्मार्थ ट्रस्ट, ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, दिव्यांगजन, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय प्राधिकरण, कई मालिकों, पुलिस विभाग आदि जैसे विस्तृत स्वामित्व प्रकार को सुनिश्चित किया जाएगा.
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मौजूदा दस्तावेजों में दिव्यांगजनों का उल्लेख नहीं- मंत्रालय ने कहा कि परिवर्तन से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मोटर वाहनों की खरीद / स्वामित्व / संचालन के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत दिव्यांगजन (शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति) को जीएसटी और अन्य रियायतों का लाभ प्रदान किया जा सके. वाहन रजिस्ट्रेशन के मौजूदा दस्तावेजों में दिव्यांगजनों का उल्लेख नहीं किया जाता है. इसके कारण दिव्यांगजन कई सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं. प्रस्तावित संशोधनों में दिव्यांगजनों और ऐसे अन्य स्वामित्व वाले वाहनों का स्पष्ट विवरण दिया जाएगा.ये भी पढ़ें : क्या बिक रही है प्रीमियम कार ब्रांड Jaguar Land Rover? टाटा मोटर्स ने कही ये बात
इससे दिव्यांगजन विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने में सक्षम होंगे. संशोधन में सुझाव अथवा टिप्पणी के लिए परिवहन मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी को मसौदा सौंपा गया है. इस संबंध में सुझाव या टिप्पणियां अधिसूचना की तारीख के तीस दिनों के भीतर संयुक्त सचिव (एमवीएल), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली -110001 को भेजे जा सकते हैं (ईमेल: morth@gov.in). बता दें कि, पिछले साल सितंबर से संशोधित मोटर वाहन एक्ट (1989) को लागू किया गया है. इस संशोधन में यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और वाहनों के सुरक्षा और पंजीकरण से संबंधित कई नियमों में बदलाव किया गया है.