प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव तय करेंगे कि प्रदेश की सत्ता में बीजेपी बरकरार रहेगी या फिर कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी. (फाइल फोटो)
कांग्रेस पार्टी के निजी एजेंसी के जरिए कराए गए सर्वे रिपोर्ट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (Kamal Nath) ने 27 अगस्त को बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें सभी विधानसभा सीट के प्रभारी सह प्रभारी और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहेंगे.
कांग्रेस पार्टी उपचुनाव के लिए पूरी तरीके से तैयार है
वहीं, कांग्रेस पार्टी के निजी एजेंसी के जरिए कराए गए सर्वे रिपोर्ट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने 27 अगस्त को बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें सभी विधानसभा सीट के प्रभारी सह प्रभारी और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. कमलनाथ निजी एजेंसियों से मिली सर्वे रिपोर्ट को लेकर विधानसभा प्रभारियों के साथ मंथन करेंगे. सर्वे रिपोर्ट में जहां पर कमजोरी बताई गई है, उन इलाकों पर फोकस करने की रणनीति तैयार होगी. कांग्रेस पार्टी की कोशिश है कि इस बार उपचुनाव में 2018 के चुनाव नतीजों को दोहराते हुए 26 सीटों पर जीत हासिल की जाए और इसी रणनीति पर कांग्रेस पार्टी अब काम करती हुई नजर आ रही है. हालांकि, इससे पहले पीसीसी चीफ कमलनाथ दावा कर चुके हैं कि उपचुनाव में 20 से 22 सीटें कांग्रेस को हासिल होंगी, लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने 20 और 22 के आंकड़े से ऊपर जाने की तैयारी करना शुरू कर दिया है.
27 सीटों पर जीत का दावा किया हैवहीं, कांग्रेस के दावों के पलट बीजेपी ने सभी 27 सीटों पर जीत का दावा किया है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा है कि 2018 के चुनाव में 27 सीटों में से 1 सीट पर बीजेपी को जीत हासिल हुई थी.जबकि 26 सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. लेकिन अब 26 सीटों पर विधायक दल बदल कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसे में बीजेपी पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हो गई है और ऐसे में सभी 27 सीटों पर बीजेपी को जीत हासिल होगी.
27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव तय करेंगे
दरअसल, प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव तय करेंगे कि प्रदेश की सत्ता में बीजेपी बरकरार रहेगी या फिर कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी. यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी जहां निजी एजेंसियों से सर्वे कराकर हर तरीके का आकलन करने में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने अब चुनाव वाले इलाकों में पहुंचकर अपने पक्ष में काम शुरू कर दिया है. प्रदेश में इस बार 27 सीटों पर होने वाले कांटे के मुकाबले में हार जीत को लेकर दावे अभी से शुरू हो गए हैं, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया जा सके. लेकिन इन सबके बीच वोटर रूपी ऊंट किस करवट बैठेगा इसका अंदाजा लगा पाना अभी मुश्किल लग रहा है.