भारत के लिए वर्ल्ड कप खेलकर रचा था इतिहास, आज करियर के साथ-साथ खतरे में है जान | football – News in Hindi

भारत के लिए वर्ल्ड कप खेलकर रचा था इतिहास, आज करियर के साथ-साथ खतरे में है जान | football – News in Hindi


अनवर अली कोलकाता के क्लब मोहम्मादीन में शामिल थे

डिफेंडर खिलाड़ी अनवर अली (Anwar Ali) 2017 में भारत (India) में हुए अंडर17 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 3, 2020, 8:58 AM IST

नई दिल्ली. भारत (India) ने साल 2017 में अंडर17 फीफा वर्ल्ड कप (U17 Fifa Word Cup) में हिस्सा लेकर इतिहास रच दिया था. यह पहला मौका था जब भारत फीफा के किसी भी ऐज ग्रुप के वर्ल्ड कप में शामिल हुआ था. इसी ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे डिफेंडर अनवर अली. अंडर 17 वर्ल्ड कप के बाद वह रिकॉर्ड फीस के साथ आईएसएल (ISL) भी खेलने लगे थे. हालांकि देश को बड़े ख्वाब दिखाने वाला अनवर आज जिंदा रहने के संघर्ष में लगा हुआ है. अनवर दिल की गंभीर बिमारी से ग्रसित हैं और फिलहाल उनका परिवार दोस्ता और साथी खिलाड़ी उनके मौत के मुंह से बाहर आने की दुआ कर रहे हैं.

नेशनल कैंप के लिए चुने गए थे अनवर
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पिछले साल अली को पता चला था कि वह दिल की गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं. अनवर आर्थिक तौर पर भी अपने परिवार वालों के लिए बड़ा सहारा है. अली की तबियत काफी खराब है और अगले 10 दिनों में एआईएफएफ उनके भविष्य को लेकर बड़ा फैसला करेगी. खबरों के मुताबिक संघ की मेडिकल टीम इस मुद्दे पर एक्सपर्ट से बात करके फैसला करेंगे. अनवर के पहले क्लब मिनर्वा पंजाब के मालिक रंजीत बजाजा ने बताया कि फुटबॉल अनवर के लिए सबकुछ था. अनवर को लगता था कि फुटबॉल उनके परिवार के जीवन स्तर को बढ़ा सकता है. पिछले साल 2019 में हेड कोच इगोर स्टिमाक ने अनवर को नेशनल कैंप के लिए चुना था और ऐसा लग रहा थि सेंट्रल बैक जल्द ही टीम इंडिया में शामिल हो जाएंगे.

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एआईएफएफ करेगी फैसला
डॉक्टर्स के मुताबिक अली का खेलने उनकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है और अगर वह फुटबॉल जारी रखते हैं तो जान को खतरा हो सकता है. 10 महीने तक बिना किसी करार के रह रहे अनवर को कोलकाता के मोहम्मादेन स्पोर्टिंग में शामिल हुए जो आई लीग का दूसरा औऱ भारतीय फुटबॉल को तीसरा सबसे इवेंट हैं. क्लब के मालिक दिपेंदु बिसवास ने कहा कि उन्हें भी यही बीमारी हुई थी इसके बावजूद वह अगले 10 तक खेले थे. एआईएफएफ ने कहा कि अगर मेडिकल स्टाफ को नहीं लगेगा कि अनवर खेलने लायक हैं तो वह कोई जोखिम नहीं उठाएगी. अनवर के पिता चाहते हैं कि बेटे ने इतनी मेहनत की है तो उन्हें मौका मिलना चाहिए.





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