MP: जानें कमलनाथ की भाषा में शिक्षा और ज्ञान के बीच का अंतर, पूर्व CM ने बताया दोनों का महत्व | bhopal – News in Hindi

MP: जानें कमलनाथ की भाषा में शिक्षा और ज्ञान के बीच का अंतर, पूर्व CM ने बताया दोनों का महत्व | bhopal – News in Hindi


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस सरकार के शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम शुरू हुआ था. (फाइल फोटो)

शिक्षक दिवस पर कमलनाथ (Kamal Nath) ने संदेश जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून बनाया था, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.

भोपाल. शिक्षक दिवस (Teacher’s day) के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेश के शिक्षकों को संबोधित किया. इस दौरान कमलनाथ ने बीजेपी सरकार (BJP Government) पर हमला बोला. साथ ही अपने 15 महीने के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर उठाए कदमों का भी उल्लेख करने की कोशिश की. कमलनाथ ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और ज्ञान में बड़ा अंतर है. शिक्षा सिर्फ स्कूल -कॉलेज (School- College) तक सीमित है. लेकिन ज्ञान जीवन भर हासिल किया जाता है. कमलनाथ ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बच्चों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने सरकार से भी कहा है कि वे निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों की सुध लें. जो कोरोना संकटकाल और अभी तक स्कूल शुरू नहीं होने के कारण संकट में हैं.

शिक्षक दिवस पर कमलनाथ ने संदेश जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून बनाया था, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे. कमलनाथ ने बीते 15 सालों में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. कमलनाथ ने कहा कि जिस स्तर की प्रगति और शिक्षा व्यवस्था में होना चाहिए था वैसा नहीं हो सका है. शिक्षा तो सच और झूठ में अंतर करना सिखाती है. आज सच और झूठ में अंतर करने का भी समय है. पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन को लेकर कोई योजना या नीति पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ. वहीं, प्रदेश में 13 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने की खबर पर उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल बंद होना सरकार की शिक्षा नीति की एक बड़ी सफलता है. ऐसी घटनाएं मध्य प्रदेश को आगे बढ़ने से रोकती है.

सुधार के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम शुरू हुआ था
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस सरकार के शासन का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बहुत सी योजनाओं पर काम शुरू हुआ था. मुख्यधारा की शिक्षा के साथ ही कौशल विकास व्यावसायिक और प्रैक्टिकल आधारित काम हो रहा था. प्रदेश में शिक्षा की प्रोफाइल बदलने की मंशा थी. और इसी को लेकर 2019 में भोपाल में सेमिनार आयोजित किया गया था. कमलनाथ ने शिक्षकों में सेवा भाव को जरूरी बताया है. साथ ही कहा है कि 10 सालों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा है. हमारी शिक्षा के विषय वही है लेकिन सीखने के तरीकों में बहुत बदलाव आया है. कमलनाथ ने कहा कि  शिक्षा और ज्ञान में अंतर है. शिक्षा स्कूल और कॉलेज में हासिल की जाती है, लेकिन ज्ञान जिंदगी भर मिलता है. ऐसे में शिक्षक बच्चों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें.

शिक्षा प्रणाली को भी समझने की जरूरत है
कमलनाथ ने बदलते दौर में शिक्षा प्रणाली को भी समझने की जरूरत बताया है. साथ ही कहा है कि छात्रों में हमारे संविधान और लोकतंत्र के प्रति जागरूकता होना चाहिए. इसके लिए संविधान की महत्वपूर्ण बातों को सिलेबस में शामिल करने की जरूरत है. कमलनाथ ने कहा की पिछली सरकार में शिक्षकों के लिए वॉल ऑफ फेम सम्मान योजना शुरू हुई थी.  शिक्षकों के सरकारी सेवा काल को सुरक्षित बनाने के लिए भी प्रयास हुए थे पर यह सब अधूरे रह गए.





Source link