Ten-Year-OLD Girl Death By Her Brother In Indore; Police Presented Before Juvenile Justice Board | वो गेम में हराने के बाद चिड़ाती थी, मैंने सिर में दो पत्थर मारे थे, पुलिस से कहता रहा बच्चा – मेरे मम्मी-पापा को मेरे सामने मत लाना नहीं तो वे मुझे मारेंगे

Ten-Year-OLD Girl Death By Her Brother In Indore; Police Presented Before Juvenile Justice Board | वो गेम में हराने के बाद चिड़ाती थी, मैंने सिर में दो पत्थर मारे थे, पुलिस से कहता रहा बच्चा – मेरे मम्मी-पापा को मेरे सामने मत लाना नहीं तो वे मुझे मारेंगे


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इंदौर5 घंटे पहले

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बच्चे ने बच्ची के सिर पर पत्थर मारने के बाद इस तरह से पत्थरों से ढंक दिया था।

  • 10 साल की बच्ची की पत्थर मारकर हत्या की थी, बच्चा किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश
  • डीआईजी ने बच्चे को लेकर अफसरों को सामान्य ढंग से पूछताछ के निर्देश दिए थे

10 वर्षीय बालिका की पत्थर मारकर हत्या करने के बाद 12 वर्षीय बालक माता-पिता से न मिलने के लिए पुलिस वालों से गुहार लगाता रहा। रात में पुलिस ने हत्याकांड में खुलासे के बाद उसे परदेशीपुरा स्थित बाल संरक्षण गृह में रखा तो वह रात भर यही कहता रहा कि मेरे मम्मी-पापा को मेरे सामने मत लाना नहीं तो वे मुझे मारेंगे। हालांकि डीआईजी ने बच्चे को लेकर अफसरों को सामान्य ढंग से पूछताछ के निर्देश दिए थे।

अफसरों ने बताया कि बच्चे को अभी हत्या जैसे संगीन अपराध का बोध तक नहीं है। वह सामान्य है। बार-बार मृतका बालिका को लेकर यही बोलता है कि वह फ्री फायर गेम में मुझे हरा देती थी। मैं उसके भाई के साथ भी खेलता था तो उसमें भी वह उसका साथ देकर मुझे हरा देती थी। इसलिए मुझे उस पर गुस्सा आता था। यही नहीं उसने रात में फिर अफसरों को यही बताया कि बालिका ने मेरी प्यारी सफेद चुहिया (पिंकी) को भी घर ले जाकर मार दिया था और गाड़ दिया था। इससे मैं काफी दुखी था।

लसूड़िया थाने के एसएआई अनिल सिलावट ने बताया कि मंगलवार को बालक को बाल संप्रेक्षण गृह से किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। बोर्ड के आदेश पर उसे बाल संप्रेक्षण गृह में ही रखे जाने के निर्देश दिए हैं। अपचारी बालक अभी पूरी तरह से स्वस्थ है। उसने बताया कि बालिका और वे दोनों साथ में ही खेलते थे, लेकिन बार-बार उससे हारना अच्छा नहीं लगता था। वह हराने के बाद चिड़ाती थी।

उसने बताया कि सोमवार को जब दोपहर 12 बजे वह आई तो दोनों साथ में ही घटना स्थल के पास खेलने गए थे। यहां चुहिया को मारने की बात पर दोनों का झगड़ा हुआ था। पहले उसने पैर में पत्थर मारा तो मैंने भी उसे सिर में दो पत्थर मार दिए थे। इस पर वह नीचे गिर गई थी। मैं भी भाग कर आ गया। इधर पोस्टमार्टम में भी पुलिस को बालिका के सिर में पत्थर की दो गंभीर चोट मिली है। पूरे मामले में डीआईजी हरिनारायणाचार मिश्र ने बच्चों को खतरनाक प्लेइंग गेम्स से दूर रखने की भी अपील की है।

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