Cannot accept suit on the basis of 10 year old agreement, the court rejected per claim | 10 साल पुराने एग्रीमेंट के आधार पर स्वीकार नहीं कर सकते वाद, कोर्ट ने प्रति दावा किया खारिज

Cannot accept suit on the basis of 10 year old agreement, the court rejected per claim | 10 साल पुराने एग्रीमेंट के आधार पर स्वीकार नहीं कर सकते वाद, कोर्ट ने प्रति दावा किया खारिज


नागदा16 मिनट पहले

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शहर के बहुचर्चित होटल सेलिब्रेटी पर स्वामित्व मामले में स्थानीय कोर्ट ने रोचक फैसला दिया है। व्यवहार न्यायालय वर्ग-1 न्यायाधीश पूनम डामेचा द्वारा 4 सितंबर को दिए गए आदेश में कोर्ट ने यह तर्क दिया है कि मामले में जो अनुबंध प्रस्तुत किया है, वह 10 साल पुराना है। कानूनन अनुबंध पत्र (एग्रीमेंट) की वैधता अवधि तीन साल ही होती है। इसलिए प्रतिवादी राजेंद्र चपलोद का दावा निरस्त किया जाता है। मामले में वादी बीना जाजोरिया की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट एस.के. साहू ने बताया कि प्रतिवादी राजेंद्र चपलोद ने मकान मालकिन वादी बीना पति वीरेंद्र जाजोरिया के खिलाफ कोर्ट में अनुबंध पत्र में दर्ज शर्तों का पालन कराने के लिए दावा लगाया था। मगर एग्रीमेंट लिमिटेशन अवधि से बाहर होना प्रमाणित पाए जाने पर चपलोद का दावा कोर्ट ने निरस्त किया है। एडवोकेट साहू के अनुसार कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में वादी बीना जाजोरिया द्वारा मामले में स्थायी निषेधाज्ञा देने का दावा भी खारिज किया है।

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