कोरोना टेस्ट के लिए सिर्फ 4 लोगों के ही सैंपल लिए और 15 लोगों के नाम लिखकर खाली ट्यूब जांच के लिए भेज दिए.
कलेक्टर (Collector) आलोक कुमार सिंह ने इसे गंभीर चूक मानते हुए दो कर्मचारियों बच्चन मुजाल्दा और गुमान सिंह की सेवा समाप्त कर दी है.
- News18Hindi
- Last Updated:
September 16, 2020, 2:09 AM IST
मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य धार जिले में यह कारानामा हुआ. यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम निसरपुर ब्लॉक के टाना गांव पहुंची. टीम ने कोरोना टेस्ट के लिए सिर्फ 4 लोगों के ही सैंपल लिए और 15 लोगों के नाम लिखकर खाली ट्यूब जांच के लिए भेज दिए. इस प्रकार कुल 19 ट्यूब जांच के लिए भेजे गए. हैरानी इस बात की है कि लौटकर जो रिपोर्ट आयी उसमें से कुल 17 लोगों को कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया. इनमें से 15 ऐसे लोग थे जिनके सैंपल लिए ही नहीं गए थे.
ये है बहाना
जब बात खुली और हड़कंप मचा तो स्वास्थ्य कर्मचारी बोले-कोरोना लैब के स्टाफ की जांच के लिए ऐसा किया गया था, ताकि यह मालूम हो सके कि लैब में सही जांच होती है या नहीं.
दो स्वास्थ्य कर्मी बर्खास्त
कलेक्टर आलोक कुमार सिंह तक जब ये बात पहुंची तो उन्होंने तत्काल दो स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी. कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने इसे गंभीर चूक मानते हुए दो कर्मचारियों बच्चन मुजाल्दा और गुमान सिंह की सेवा समाप्त कर दी है.