Suresh Raina relatives murder case solved, 3 arrested | सुरेश रैना के रिश्तेदारों के मर्डर केस में 3 गिरफ्तार, 11 आरोपी अब भी फरार

Suresh Raina relatives murder case solved, 3 arrested | सुरेश रैना के रिश्तेदारों के मर्डर केस में 3 गिरफ्तार, 11 आरोपी अब भी फरार


पठानकोट: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया है कि जिस गैंग ने क्रिकेटर सुरैश रैना के रिश्तेदारों की हत्या की हैं, उस गैंग के 3 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालाकिं 11 आरोपी अब भी फरार है. डीजीपी ने बताया है कि आरोपियों के पास 2 अंगूठी, एक गोल्ड चेन और 1530 रुपये बरामद किए गए हैं. आरोपियों से पूछताछ में ये भी पता चला है कि ये लोग कुछ दूसरे बदमाशों के साथ मिलकर एक गैंग चला रहे थे.

पंजाब के पठानकोट जिले के थरयाल गांव में सुरैश रैना की बुआ के घर पर बदमाशों ने हमला किया था. 19 अगस्त की रात को अज्ञात बदमाशों ने रैना के फूफा अशोक के सोए हुए परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था. इस हमले में उनके फूफा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था जबकि अशोक कुमार के बेटे कौशल कुमार ने 31 अगस्त को अस्पताल में दम तोड़ दिया. जहां उनके भाई की पत्नी आशा रानी की हालत अब भी गंभीर है. वहीं 2 अन्य लोग अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था.

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस घटना के तुरंत बाद ही एसआईटी का गठन कर दिया था. रैना ने भी मुख्यमंत्री से जांच की मांग की थी. एसआईटी टीम ने जांच के शुरू में ही करीब 100 लोगों से पूछताछ की थी. पुलिस ने बताया कि 15 सितंबर को एसआईटी को जानकारी मिली कि घटना के बाद अगली सुबह इलाके में जो 3 संदिग्ध देखे गए थे वो पठानकोट रेलवे स्टेशन के पास झुग्गियों में रह रहे हैं. इसके बाद वहां रेड की गई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

19 अगस्त की रात करीब 8 बजे, गैंग के लोग दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में अशोक कुमार के घर पहुंचे. 5 आरोपी छत की तरफ से घर में गए जहां उन्होंने 3 लोगों को चटाई पर सोते हुए देखा. इन तीनों पर हमला करने के बाद वो और अंदर गए. इसके बाद दो लोगों पर हमला किया. हमले के बाद पैसा, जेवरात लूटकर वहां से फरार हो गए.

इस मामले में पुलिस को अब भी 11 आरोपियों की तलाश है. बता दें कि अपने फूफा की मौत के बाद आज पहली बार सुरेश रैना उनके घर पहुंचे है.वो आईपीएल के लिए यूएई में मौजूद थे लेकिन वो इस घटना के बाद भारत वापस लौट गए थे.





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