नोडल अधिकारी डॉक्टर के संपर्क में रहेंगे और इनके पास पैसा रहेगा
कोरोना के समय पुलिस मुख्यालय (PHQ) के पास कई ऐसे मामले आए,जिसमें पुलिस (Police) परिवार के सदस्यों को खुद ही दवाइयां खरीदनी पड़ी. इसके लिए पुलिस परिवार को परेशान होना पड़ा था
पुलिस के नोडल अधिकारी इलाज की पूरी मॉनिटरिंग करेंगे. इसके साथ यदि किसी विशेष दवाइयों की जरूरत पड़ेगी तो उसे भी बाजार से उपलब्ध कराएंगे. मुख्यालय ने इसके लिए नोडल अधिकारियों को अलग से बजट अलॉट किया है.
पुलिस परिवार मुश्किल में
पुलिस मुख्यालय के पास कई ऐसे मामले आए,जिसमें पुलिस परिवार के सदस्यों को खुद ही दवाइयां खरीदनी पड़ी. इसके लिए पुलिस परिवार को परेशान होना पड़ा था.हालांकि अस्पतालों में ऐसी दवा को बाहर से खरीदने की व्यवस्था होती है. लेकिन तत्काल दवा की ज़रूरत होने के कारण पुलिस परिवार इंतजार नहीं कर सकते थे इसलिए खुद ही दवाइयां खरीदीं.लेकिन अब पुलिस परिवार को परेशान और दवाओं के लिए भटकने की जरूरत नहीं है. उन्हें दिक्कत आने पर सिर्फ नोडल अधिकारी को खबर करना होगी. नोडल अधिकारियों की यह जिम्मेदारी तय कर दी गई है कि वह इलाज पूरा होने तक मॉनिटरिंग करेंगे और दवाओं की उपलब्धता किसी भी समय कराएंगे.तीन जोन को लिखा पत्र
पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा के एडीजी विजय कटारिया ने एडीजी भोपाल, आईजी इंदौर, जबलपुर और उज्जैन को पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा कि कोविड-19 से संक्रमित पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों के इलाज के लिए अस्पताल तय किए गए थे. इन अस्पतालों में इलाज निशुल्क होता है. किसी प्रकरण विशेष में किसी भी कर्मचारी के लिए दवाइयां और इंजेक्शन की ज़रूरत होने पर कम समय में बाजार से खरीद कर संबंधित अस्पताल को दी जाती हैं. लेकिन जानकारी मिली है कि परिवार को खुद ही इंजेक्शन और दवाइयां खरीदना पड़ीं.
पुलिस परिवार नहीं होंगे परेशान
एडीजी विजय कटारिया ने लिखा कि कठिन हालात में पुलिस परिवार परेशान न हों, इसलिए चुने गए अस्पतालों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं. यह नोडल अधिकारी डॉक्टर के संपर्क में रहेंगे और इनके पास पैसा रहेगा.ज़रूरत पड़ने पर ये दवाइयों का इंतज़ाम करेंगे. इससे पुलिस परिवार के लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा और उन पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा.