The then manager of the District Cooperative Bank’s Timarni filed a case in the EOW | जिला सहकारी बैंक के टिमरनी के तत्कालीन प्रबंधक पर ईओडब्ल्यू में केस दर्ज

The then manager of the District Cooperative Bank’s Timarni filed a case in the EOW | जिला सहकारी बैंक के टिमरनी के तत्कालीन प्रबंधक पर ईओडब्ल्यू में केस दर्ज


हरदा9 मिनट पहले

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  • बुधवार काे भोपाल में व्यास सहित उनकी पत्नी व माता के खिलाफ दर्ज हुआ केस, जांच के बाद दर्ज की एफआईआर, भोपाल में हुई कार्रवाई

जिला सहकारी बैंक की टिमरनी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक हेमंत व्यास और उनकी पत्नी तथा मां के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ईओडब्ल्यू भोपाल में बुधवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। ईओडब्ल्यू ने तीनों के खिलाफ धारा 420, 465, 120 बी, एवं धारा 13 एक 13 दो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के इंस्पेक्टर ने प्रकोष्ठ में दर्ज शिकायत क्रमांक 46/2012 की जांच की। इस दौरान पाया कि हेमंत कुमार व्यास तत्कालीन प्रभारी शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित टिमरनी ने अपनी पदस्थापना 1990 से मार्च 2012 के बीच की अवधि में लोक सेवक के पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग किया। साथ ही भारी भ्रष्टाचार कर अपनी वैधानिक आय के स्रोतों से अत्यधिक चल-अचल संपत्ति स्वयं और परिवार के सदस्यों के नाम पर अर्जित की।

धोखाधड़ी : वैधानिक स्राेताेें से 253.75% अधिक निकली हेमंत व्यास की अाय, पत्नी के व्यवसाय के संबंध में दी थी गलत जानकारी

ईओडब्ल्यू के अनुसार हेमंत व्यास टिमरनी में 1990 से 2011 तक पदस्थ रहे। संदेही हेमंत व्यास ने अपनी मां कमला देवी और पत्नी ममता के नाम चल – अचल संपत्ति विभिन्न स्थानों पर खरीदी। यह संपत्ति अवैधानिक स्रोतों से क्रय की गई। इस संबंध में व्यास द्वारा विभाग को सूचना नहीं दी गई, ना ही संपत्ति क्रय करने की अनुमति ली। संदेही द्वारा चेक पीरियड में 57 लाख 69088 रुपए की अचल संपत्ति अपनी पत्नी ममता व्यास व मां कमला देवी के नाम पर खरीदी। ईओडब्ल्यू के अनुसार वैधानिक स्रोतों से हेमंत व्यास की आय 17 लाख 98 हजार 602 रुपए पाई गई। यह वैधानिक स्रोतों से प्राप्त आय से 45 लाख 64 हजार ₹26 अधिक है जो व्यास की वैधानिक आय से 253. 75 प्रतिशत अधिक है।

शिकायत सत्यापन के दौरान व्यास द्वारा प्रकोष्ठ को प्रस्तुत आवेदन पर लेख किया गया था कि संपत्ति क्रय एवं पत्नी के व्यवसाय के संबंध में उसके द्वारा शाखा कार्यालय टिमरनी से जानकारी महाप्रबंधक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रधान कार्यालय होशंगाबाद को भेजी गई थी, जांच टीम ने इसकी भी तस्दीक की। इस संबंध में महाप्रबंधक होशंगाबाद द्वारा पत्र क्रमांक 870 दिनांक 17 जुलाई 2013 प्रकोष्ठ को भेजकर अवगत कराया गया कि पत्र के संबंध में मुख्यालय की आवक-जावक शाखा में पदस्थ लिपिक दिनेश कुमार कहार ने संधारित पंजी से पुष्टि कर बताया कि टिमरनी से उक्त जावक नंबर मुख्यालय में आवक होना नहीं पाया। इसका परीक्षण प्रभारी स्थापना आरपी साहू लेखापाल से कराया गया, इसमें भी मुख्यालय की आवक पंजी में यह पत्र दर्ज नहीं पाया गया।

ईओडब्ल्यू में 16 सितंबर 2020 को दर्ज एफआईआर में हेमंत व्यास की विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आय वेतन, लोन आदि का पूरा ब्यौरा भी संलग्न किया गया है। ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के अनुसार टिमरनी शाखा में भी जावक में भी पत्र नहीं पाए गए, जिनकी जानकारी व्यास ने ईओडब्ल्यू को दी। ईओडब्ल्यू ने संदेही हेमंत व्यास के खिलाफ धोखाधड़ी कर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर विभाग को संपत्ति के संबंध में कूट रचित जानकारी भेजने के संबंध में साक्ष्य पाए। इस आधार पर हेमंत व्यास, उनकी पत्नी ममता व्यास और उनकी मां कमलाबाई के खिलाफ केस दर्ज किया। व्यास के खिलाफ दर्ज एफआईआर क्रमांक 17/2020 पर इंस्पेक्टर राकेश सिंह बघेल का नाम दर्ज है।

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