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- Before Completion Of Investigation, CSP Considered Guilty, Sentenced Transfer; Not Even An FIR On The Leaders Even After 48 Hours Of Seeing The Handiwork From TI In The Video
उज्जैन12 घंटे पहले
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जब भाजपा नेता ने थाना प्रभारी पर हाथ उठाया था
- 18 सितंबर : सुने को सच माना और जांच रिपोर्ट का इंतजार भी नहीं किया
मुख्यमंत्री की ड्यूटी में लगी सीएसपी ऋतु केवरे को हेलीपेड पर हुए विवाद के बाद भाजपा नेताओं ने अपशब्द कहे। मुख्यमंत्री को शिकायत कर दी, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने भी जांच पूरी होने का इंतजार तक नहीं किया और ट्रांसफर की सजा सुना दी। अब इस सिस्टम का दूसरा पक्ष देखिए- थाना प्रभारी से धक्कामुक्की हुई। उनकी अंगुली में फ्रैक्चर तक हो गया, लेकिन नेताओं पर 48 घंटे बाद भी शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज नहीं हुआ। सीएसपी ऋतु केवरे के पक्ष में सोशल मीडिया पर अभियान चले। लोगों ने इस ट्रांसफर को एक महिला का भी सार्वजनिक अपमान बताया। इतना होने के बावजूद पुलिस विभाग के आला अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
…फिर याद आए पिछले एसपी
ऐसा ही एक मामला दिसंबर 2018 में हुआ था। तब तत्कालीन एसपी ने भाजपा सांसद पर शासकीय कार्य में बाधा समेत 9 धाराओं में केस दर्ज किया था। …और अब घटना के दो दिन बाद भी कार्रवाई तो दूर अधिकारी कुछ कहने तक में घबरा रहे हैं। प्रभारी एसपी सविता सोहाने तो बात तक करने से कतरा रही हैं।
18 सितंबराजपाल सिंह सिसौदिया, भाजपा नेता- सीएसपी ऋतु केवरे ने मुझे कहा- राजपाल तेरी नेतागिरी भुला दूंगी, सीएम को इस बारे में अवगत कराया है, देखते हैं क्या कार्रवाई होती है।
राकेश गुप्ता, आईजी- मुख्यमंत्री ने जांच के लिए कहा है। एडिशनल एसपी को जांच सौंपी है, जो भी सही स्थिति सामने आएगी उसके आधार पर निर्णय लेंगे.
एडिशनल एसपी अमरेंद्रसिंह चौहान ने कहा अभी तो जांच ही शुरू नहीं की है। दो दिन से डेम के लोकार्पण को लेकर सुरक्षा इंतजाम ड्यूटी में लगा हूं।
सेवानिवृत्त डीएसपी का दर्द कविता में झलका, सीएसपी ऋतु के लिए लिखा
नेतानगरी निगल गई फिर एक ऋतु को हाय
चाटुकारिता का वसंत इनके मन को भाय।
वरिष्ठ क्या करते रह गए
कुर्सी के चक्कर में होंठ सिल गए
मेरी मानो- ट्रेनिंग में लेसन जुड़वाओ
नेताओं की चाटुकारिता का पाठ पढ़ाओ।
वे सिर्फ ट्रांसफर करवा सकते थे, जो करवा दिया

ऋतु केवरे, सीएसपी
पुलिस की रोजनामचा डायरी में मैंने पूरी घटना का विवरण लिख दिया है। संक्रमित पार्षद की पत्नी को भाजपा नेता सीएम से जबरदस्ती मिलाने ले गए। मुझे अपशब्द कहे। नौकरी खा जाने की धमकी देते हुए शासकीय कर्त्तव्यों की पूर्ति में अवरोध उत्पन्न किया। थाना प्रभारी पर भी बैरिकेड्स गिराकर हाथापाई की, जिससे थाना प्रभारी के पैर में चोट आई व अंगुली फ्रेक्चर हो गई। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया है। जांच में भी यही बयान दूंगी। मैं सही बात कहने से डरने वालों में से नहीं हूं। वे ट्रांसफर करवा सकते थे, जो करवा दिया, इससे ज्यादा कुछ नहीं।
एक्सपर्ट व्यू- हरदयालसिंह ठाकुर, हाईकोर्ट एडवोकेट
कानून कहता है- ऑनड्यूटी शासकीय लोकसेवक के साथ घटना हुई, तत्काल एक्शन लेना चाहिए
ड्यूटी के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हेलीपेड पर पूरा घटनाक्रम हुआ है। घटना के वीडियो भी प्रसारित हो गए। इसमें पुलिस अधिकारी खुद पीड़ित हैं, उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही अथवा सबकुछ संज्ञान में होते हुए भी शासकीय कार्य में बाधा का केस दर्ज नहीं किया जाना ठीक नहीं है। इससे आमजनता का भरोसा खत्म होता है। कानून तो यही कहता है सार्वजनिक व ऑनड्यूटी शासकीय लोकसेवक के साथ घटना हुई है, तत्काल एक्शन लेना चाहिए था।
महिलाओं का साथ- सीएसपी का सम्मान करने पहुंचीं, लेकिन वे नहीं मिलीं तो कुर्सी काे माला पहना दी
हेलीपेड की घटना को लेकर महिला संगठन भी आगे आए हैं। उन्होंने इसे महिला का सार्वजनिक अपमान बताया है और ट्रांसफर कार्रवाई की आलोचना की जा रही है। शनिवार को समाजसेवी माया त्रिवेदी समेत रेखा गेहलोत, रेणुका परमार, बुशरा शेख, मुनीरा बानो आदि पुलिस कंट्रोल रूम पहुंची। यहां सीएसपी नहीं मिली तो उनकी कुर्सी का सम्मान किया भाजपाइयों ने महिला सीएसपी के साथ अभद्र व्यवहार किया और फिर उनका ट्रांसफर भी करवा दिया, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना की निंदा करते हुए विधायक महेश परमार ने कहा सीएसपी ने निडरता से कर्त्तव्य निभाया था, बदले में भाजपा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने पूरी नारी शक्ति का अपमान करते हुए उनका ट्रांसफर किया है।
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