The riders’ pockets were loose; Continuation of arbitrariness in ISBT, officer carefree | सवारियों की जेबें ढीलीं; आईएसबीटी में चल रहा मनमानियों का सिलसिला, अधिकारी बेफिक्र

The riders’ pockets were loose; Continuation of arbitrariness in ISBT, officer carefree | सवारियों की जेबें ढीलीं; आईएसबीटी में चल रहा मनमानियों का सिलसिला, अधिकारी बेफिक्र


जबलपुर7 घंटे पहले

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आईएसबीटी से अब भी रोजाना 60 से 70 बसें ही निकल रही हैं। सवारियों को घंटों इंतजार अपने गंतव्य की बसों के लिए करना पड़ता है यह प्रताड़ना क्या कम है कि दूसरी तरफ उनसे बसों का किराया भी अधिक वसूला जा रहा है। सरकार ने अभी तक बसों का किराया बढ़ाया नहीं है उसके बावजूद सवारियों से बस ऑपरेटर्स 25 से 30 प्रतिशत अधिक किराया वसूलने लगे हैं।

अधिक किराया लेने पर यात्रियों व कर्मचारियों के बीच रोजाना विवाद भी हो रहे हैं, लेकिन सवारियों की मजबूरी है कि वे मनमाना किराया दें। बसों की हड़ताल समाप्त होने के बाद 5 सितम्बर से बसों का संचालन शुरू होना था परंतु उसके बाद ड्राइवर कंडक्टर्स के हड़ताल पर चले जाने के कारण पाँच से छह दिनों के बाद बसें चलनी शुरू हुई थीं, उस दौरान सवारियों की समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं गया और न ही अब जा रहा है।



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