नागदा19 घंटे पहले
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प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट समाज सेवा कार्य करने वाले लोगों को विष्णु कुमार समाज सेवा पुरस्कार दिया जाता है। इसकी घोषणा निर्णायक मंडल द्वारा की जाती है। मंडल में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री स्वयं शामिल होते हैं, लेकिन बीते चार सालों से एक भी व्यक्ति पुरस्कार के लिए पात्र नहीं माना गया है।
इस बात का खुलासा आरटीआई में मांगी जानकारी में हुआ है। दरअसल उज्जैन जिले के समाजसेवी अंबाराम परमार ने पुरस्कार के लिए प्रविष्टि आयुक्त अनुसूचित जाति विकास मध्यप्रदेश शासन को भेजी थी। लेकिन उन्हें पुरस्कार नहीं मिल सका। इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता बंटू बोड़ाना ने आदिम जाति विकास मध्यप्रदेश शासन भोपाल द्वारा सेवा सम्मान की अखबार में प्रकाशित विज्ञप्ति व समाजसेवी परमार के आवेदन को आधार बनाकर उज्जैन संभाग से प्राप्त पुरस्कार के लिए विभाग में प्राप्त आवेदन प्रविष्टियों की जानकारी व प्रवेश के ऊपर की गई कार्रवाई की प्रमाणित प्रतिलिपि आरटीआई से मांगी गई।
25 ने किया था आवेदन
आवेदन के जवाब में अनुसूचित जाति विकास मप्र ने कुल 16 प्रतियां उपलब्ध कराई, जिसमें प्रदेश के 25 लोगों ने श्री विष्णु कुमार समाज सेवा सम्मान के लिए आवेदन किया था। निर्णायक मंडल ने 2017 में आहुत की बैठक में निर्णय लिया कि साल 2012 से 2016 तक एक भी आवेदक पुरस्कार के लिए पात्र नहीं है। इसके चलते पुरस्कार दिया जाना संभव नहीं है।