Ujjain was selected for medical service leaving Mumbai, Chandigarh, not a single holiday in 179 days, treating 358 infected patients | मुंबई, चंडीगढ़ छोड़ चिकित्सा सेवा के लिए उज्जैन को चुना, 179 दिन में एक भी छुट्टी नहीं, 358 संक्रमित मरीजों का इलाज भी किया

Ujjain was selected for medical service leaving Mumbai, Chandigarh, not a single holiday in 179 days, treating 358 infected patients | मुंबई, चंडीगढ़ छोड़ चिकित्सा सेवा के लिए उज्जैन को चुना, 179 दिन में एक भी छुट्टी नहीं, 358 संक्रमित मरीजों का इलाज भी किया


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उज्जैन10 मिनट पहले

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  • इलाज के साथ में मरीजों का मनोबल बढ़ाया, वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से मरीज की बात करवाई

ये हैं वे महिला डॉक्टर्स जिन्होंने मुंबई, चंडीगढ आदि छोड़ उज्जैन को ही चिकित्सा सेवाओं के लिए चुना ताकि यहां के लोगों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवा सकें। ओपीडी से लेकर आईसीयू तक में ये अपनी चिकित्सा सेवाएं दे रही हैं। कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, इस सब चुनौतियों के बीच में उनकी सेवाएं लगातार जारी हैं।

पिछले 179 दिनों में कोई साप्ताहिक अवकाश नहीं लिया और न ही कोई अन्य छुट्टी। अपने-अपने कोविड हॉस्पिटल में लगातार चिकित्सा सेवाएं देते हुए करीब 358 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया। स्वस्थ होकर अपने घर पहुंचने के बाद भी मरीज इनसे परामर्श ले रहे हैं।
हॉस्पिटल मैंनेजमेंट से हॉई फ्लो ऑक्सीजन की व्यवस्था करवाई

डॉ. सोनाली अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज की आईसीयू इंचार्ज हैं। लीलावती हॉस्पिटल से क्रिटिकल केयर की डिग्री लेने के बाद मुंबई छोड़ अपने शहर को चुना हॉस्पिटल मैंनेजमेंट से बात कर पहली बार उज्जैन में हॉई फ्लो ऑक्सीजन की व्यवस्था करवाई, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज में सहायता मिली। वीडियो कॉलिंग से मरीजों की उनके परिजनों से चर्चा करवाना और साथ ही हॉस्पिटल के बाहर खड़े अटेंडर को मरीज के बारे में बताना ताकि वे मरीज की स्थिति से अवगत हो सके।
डॉ. मेहनाज हुसैन, रायपुर से हैं, उन्होंने चिकित्सा सेवाएं देने के लिए उज्जैन को ही चुना। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और चिकित्सा सेवा में जुट गईं। कोरोना संक्रमण काल में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा सेवाएं शुरू की। उन्हें कोविड हॉस्पिटल माधवनगर में चिकित्सा सेवाएं देने का दायित्व मिला। यहां टीम के साथ में मरीजों का इलाज करने के साथ ही उनका मनोबल बढ़ा रही हैं। उन्हें बताया जाता है कि आप भी दूसरे मरीजों की तरह नियमित इलाज से स्वस्थ्य हो जाएंगे।
डॉ. नेहा वर्मा, कोरोना संक्रमण काल में लगातार अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने रतलाम से बीएचएमएस किया है। उसके बाद यहां मरीजों की चिकित्सा सेवाएं में जुट गईं। वे माधवनगर हॉस्पिटल की ओपीडी संभाल रही हैं, यहां मरीजों की जांच करना और उन्हें परामर्श देना। खुद को संक्रमण से बचाते हुए उनकी लगातार सेवाएं जारी हैं। मरीजों के साथ में पारिवारिक सदस्य की तरह व्यवहार करना, इलाज के अलावा उन्हें खान-पान, योगा-ध्यान आदि के बारे में बताना।



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