भिंड7 घंटे पहले
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बायपास पर सड़क पर बैठकर ट्रैफिक जाम करते वकील।
- सीएसपी ने आरक्षक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब माने वकील
रौन तहसील कार्यालय में पटवारी और वकील के बीच हुआ विवाद शांत नहीं हो रहा है। पटवारी के खिलाफ क्रास मामला दर्ज कराए जाने को लेकर वकीलों का पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धरना जारी है। सोमवार को वकील जब बार रुम में इस आंदोलन की रूपरेखा बना रहे थे। तभी एक सिपाही ने धरना स्थल पर रखी वकीलों की कुर्सियां, पानी की बोतल आदि फेंक दी। जब यह जानकारी वकीलों को लगी तो वे भड़क गए और उन्होंने बायपास रोड पर पर ट्रैफिक जाम कर दिया। हालांकि सूचना मिलने पर तत्काल सीएसपी आनंद राय वकीलों के बीच पहुंचे और उनकी पूरी बात सुनने के बाद संबंधित आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
दरअसल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वकीलों का पिछले तीन दिन से धरना अनवरत चल रहा है। आज चौथे दिन सोमवार को ग्वालियर से स्टेट बार के निर्वाचित सदस्य राजेश शुक्ला, मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ अधिवक्ता परिषद के महामंत्री दीपेंद्र सिंह कुशवाह और पूर्व डिप्टी महाधिवक्ता राजीव शर्मा भी भिंड पहुंचे। वे दोपहर करीब दो से तीन बजे के बीच बार रूम में धरने पर बैठे वकीलों के साथ चर्चा कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में एक सिपाही ने उनके धरना स्थल पर रखी कुर्सियां और पानी की बोतलों को फेंक दिया। वकीलों की माने तो उक्त सिपाही का नाम रवींद्र सिंह चौहान है और वह रौन थाना में पदस्थ है।
यह जानकारी वकीलों को धरने पर पानी और चाय देने वाले लड़के ने दी। इस पर वकील लोग गुस्सा हो गए और उन्होंने बायपास रोड पर एसपी कार्यालय गेट के बाहर ही ट्रैफिक जाम कर दिया। यह सूचना लगने पर एसपी मनोज कुमार सिंह ने सीएसपी आनंद राय को मौके पर भेजा। सीएसपी राय ने आक्रोशित वकीलों से चर्चा की। वकीलों की मांग थी कि उक्त सिपाही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। इस पर सीएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि उक्त सिपाही पर कार्रवाई की जाएगी। तब वकीलों का गुस्सा शांत हुआ और वे बायपास से हटे। आंदोलन करने वालों में एडवोकेट नरेश बघेल, विक्रम चौहान, श्रीओम पाराशर, हनुमंत बौहरे शामिल हैं।