Congress’s challenge- Minister, collector prove that farmers will not ask for wrong money, or make full payment in 7 days | कांग्रेस की चुनौती- मंत्री, कलेक्टर साबित करें कि किसान गलत नहीं मांगेंगे रुपए, वर्ना 7 दिन में करें पूरा भुगतान

Congress’s challenge- Minister, collector prove that farmers will not ask for wrong money, or make full payment in 7 days | कांग्रेस की चुनौती- मंत्री, कलेक्टर साबित करें कि किसान गलत नहीं मांगेंगे रुपए, वर्ना 7 दिन में करें पूरा भुगतान


हरदा17 घंटे पहले

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  • 10 सवाल के मंत्री अाैर कलेक्टर से कांग्रेस ने जवाब मांगे, छीपाबड़ टीआई के निलंबन की मांग

चौकड़ी सोसाइटी में बेचे चना का भुगतान न होने से परेशान 3 किसानों ने 24 सितंबर को जहर पीकर खुदकुशी की कोशिश की थी। इस मामले में सोमवार को कांग्रेस ने कृषि मंत्री कमल पटेल और एआरसीएस अखिलेश चौहान पर गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस ने पीसी में सारे कागज रखते हुए कहा कि कृषि मंत्री और कलेक्टर या तो यह साबित करें कि किसान फर्जी है या 7 दिन में भुगतान करें। ऐसा न होने पर कांग्रेस आंदोलन करेगी। परमानंद के पास जमीन नहीं होने के कृषि मंत्री के बयान के बाद परमानंद के पिता हुुकुमचंद्र सोमवार को मीडिया से मुखातिब हुए उन्होंने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है जिसमें 80 एकड़ जमीन है उपज की बिक्री का काम परमानंद करता है। चौकड़ी सोसाइटी के चना की खरीदी व भुगतान का मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया है। सोमवार को पूर्व विधायक आरके दोगने, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पवार, किसान कांग्रेस प्रदेश सचिव मोहन विश्नोई ने प्रेस के सामने कई प्रमाण रखते हुए गंभीर आरोप लगाए।

वहीं छीपाबड़ टीआई काे सस्पेंड करने की मांग की। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक होशंगाबाद ने 11 सितंबर को शाखा प्रबंधक खिरकिया को पत्र लिखा। इसमें दिनेश बघेल द्वारा 8 लाख 23 हजार 370 रुपए की खाद विक्रय की राशि के गबन के आरोप में 7 दिन में थाने में केस दर्ज कराना था लेकिन आदेश पर अमल नहीं हुआ।

टीआई गैर जिम्मेदार उन्हे सस्पेंड करें
पूर्व विधायक दोगने ने कहा कि किसानों ने टीआई ज्ञानू जायसवाल के सामने जहर पीया। पुलिस बल भारी संख्या में था, लेकिन वह मूकदर्शक बना रहा। कायदे से आत्महत्या की चेतावनी के मामलों में पहले से ही डॉक्टर, पुलिस, एंबुलेंस मौजूद रहती है। पुलिस ऐसे व्यक्ति को मौके से पहले ही अरेस्ट कर लेती है, लेकिन छीपाबड़ पुलिस ने यहां कार्रवाई नहीं की टीआई को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए।

फर्जीवाड़ा करने वाले जेल जाएंगे
किसान आए थे, उनकी परेशानी काे देखते हुए सोसाइटी चालू करने पत्र लिखा था। कई फर्जी लाेगाें ने किसान बनकर पेमेंट प्राप्त किया है, जिनसे रिकवरी चल रही है। फर्जीवाड़ा करने वाले जाे भी हाेंगे वे जेल जाएंगे। यह जांच पूरी हाेने के बाद क्लियर हाे जाएगा। जिन किसानों ने चना बेचा है उनके नाम हम्मालों के तुलावटी रजिस्टर में हाेना चाहिए, इनका नहीं था।
-कमल पटेल, कृषि मंत्री

जांच के आधार पर मैंने जानकारी दी थी
मामले में की गई जांच के आधार पर मैंने जानकारी दी थी। अभी मामला विवेचना में है। समिति प्रबंधक फरार है। उसकी गिरफ्तारी व सभी के बयान व तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई हाेगी।
– संजय गुप्ता, कलेक्टर, हरदा

किसान ने तौल कराया, चेक बना, एक भुगतान हुआ तो किसान फर्जी कैसे बताएं…

खरीदी की प्रक्रिया होती है किसान ने पंजीयन, तौल कराया कंप्यूटर से बिल बना प्रशासन की आईडी से चेक बना, 40 क्विंटल का पेमेंट हुआ, 24 क्विंटल का बाकी है, फिर कृषि मंत्री किसान को फर्जी कैसे कह रहे हैं। किसान के अन्य खातों पर बेचे करीब 140 क्विंटल चना का भुगतान अभी बाकी है, मंत्री का बयान गलत है। किसान फर्जी बिल कैसे बना सकता है वे इसे सिद्ध करें। प्रबंधक ने 22 जून को 66 बिल गलत बनने की जानकारी दी तो 42 दिन एआरसीएस चुप क्यों रहे। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के बजाय निर्दोष किसानों पर केस दर्ज करना गलत है।
– आरके दोगने, पूर्व विधायक

चौकड़ी सोसाइटी के कई किसानों का बीते साल का 12 लाख रुपए का पेमेंट बाकी है। किसानों के पास उपज बिक्री के सारे प्रमाण हैं फिर भी भुगतान नहीं हो रहा है। अधिकारी बताएं कि क्या 66 बिल एक ही तारीख में बने हैं। कोई दबाव डालकर इतने बिल बनवाता रहा और अधिकारी चुप बैठे रहे क्या यह संभव है। मंत्री व कलेक्टर 7 दिन में या तो पेमेंट करें या यह साबित कर दें कि किसान फर्जी है तो हम पेमेंट नहीं मांगेंगे नहीं तो 7 दिन बाद किसानों के साथ पूरी कांग्रेस सड़क पर आंदोलन करेगी।
-लक्ष्मीनारायण पवार, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

वेयरहाउस में 13 ट्रक चने में रेत, मिट्टी, मक्का की मिलावट है। सुल्तानपुर में 15 व 16 नंबर गोदाम में खराब चना रखा है। हम कई बार ज्ञापन देकर उसे सीलकर जांच की मांग कर चुके हैं, लेकिन भ्रष्टाचार व मिलीभगत के कारण आज तक कार्रवाई नहीं हुई। समिति के दिनेश बघेल ने 8 लाख का फर्जी ढंग से खाद बेचा। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बाद भी उस पर केस दर्ज नहीं कराया। पूरा भ्रष्टाचार मंत्री के संरक्षण में एआरसीएस ने कराया, जिसके लिए कृषि मंत्री ने उसे 9 अगस्त को प्रशंसा पत्र दिया।
-मोहन विश्नोई, प्रदेश सचिव किसान कांग्रेस

हमारा संयुक्त परिवार है। 80 एकड़ जमीन है, पांच खाते हैं। उपज की बिक्री का काम परमानंद देखता है। चना विक्रय के लिए पंजीयन कराया बिल बने हैं, एक खाते पर 40 क्विंटल का भुगतान हुआ 24 क्विंटल का बाकी है जो भुगतान हुआ वह भी वापस मांगा जा रहा है ना देने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। हमारे पास सारे प्रमाण हैं तो उपज बेचने के बाद किसान फर्जी कैसे हो सकता है। प्रशासन भुगतान के बजाय मरने के लिए मजबूर कर रहा है। झूठे केस दर्ज कर रहा है। -हुकुमचंद्र परमानंद के पिता



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