मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फाइल फोटो)
शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘आईफा की क्या जरूरत है? इस समय कोरोना फैला हुआ है. लोग संकट में हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आईफा जैसे तमाशे को मैं पसंद नहीं करता.’
- News18Hindi
- Last Updated:
October 3, 2020, 12:33 AM IST
चौहान ने एक सवाल के जवाब में यहां मीडिया से कहा, ‘आईफा की क्या जरूरत है? इस समय कोरोना फैला हुआ है. लोग संकट में हैं.’ उन्होंने कहा, ‘आईफा जैसे तमाशे को मैं पसंद नहीं करता.’ चौहान ने कहा, ‘मुझे पता चला है कि कई उद्योगपतियों से राशि वसूली गई.
एक ही कंपनी से खबर आई कि 4 करोड़ रुपए उनसे ले लिए गए आईफा के नाम पर. मैंने कहा कि और किस-किस से पैसे लिए, पता करो. ये ठीक नहीं है. अगर लेना ही है तो कोरोना वायरस के लिए ले लो या दूसरी चीजों के लिए लो.’ उन्होंने कहा, ‘आईफा नहीं होगा. आईफा के तमाशे की कोई जरूरत नहीं है.’
चौहान के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जिन्होंने 15 वर्ष सिर्फ तमाशा किया, वह आईफा के आयोजन को तमाशा बता रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘यह (आईफा) तमाशा है या गैर तमाशा है, यह जनता तय करती है. शिवराज के कहने से कोई चीज तमाशा नहीं बनती.’चौहान द्वारा पूर्व कांग्रेस सरकार पर आईफा के नाम पर उद्योगपतियों से पैसा वसूलने के आरोपों पर कमलनाथ ने कहा कि शिवराज इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शर्मा जाएगा. उल्लेखनीय है कि आईफा अवार्ड समारोह इस बार मध्य प्रदेश के इंदौर में इस साल 27 से 29 मार्च को होने वाला था तथा इसका एक कार्यक्रम 21 मार्च को भोपाल में भी होने वाला था.
लेकिन, आईफा अवार्ड के आयोजकों ने कोरोना वायरस के संक्रमण की चिंताओं के चलते 6 मार्च को एक बयान जारी कर इसे टाल दिया था और कहा था कि इस आईफा समारोह की नई तारीख और कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी.