Fake in Kanyadan scheme, 141 out of 950 couples got fake | चार जनपदों में 950 जोड़ों ने रचाया विवाह, 750 की जांच रिपोर्ट में 141 निकले फर्जी, मंत्रालय के आदेश पर 6 माह से चल रही जांच

Fake in Kanyadan scheme, 141 out of 950 couples got fake | चार जनपदों में 950 जोड़ों ने रचाया विवाह, 750 की जांच रिपोर्ट में 141 निकले फर्जी, मंत्रालय के आदेश पर 6 माह से चल रही जांच


छतरपुर21 घंटे पहले

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत जिले की चार जनपद पंचायताें द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कर 950 जोड़ो की शादियां कराई गईं। कन्यादान योजना की राशि इन जोड़ों को दिए जाने से पहले भोपाल से मंत्रालय ने जांच के आदेश कर दिया। इसमें से 750 जोड़ों की जांच रिपोर्ट आने पर 141 शादियां अपात्र पाई गईं। पंचायत विभाग ने पिछले 6 माह में संबंधित जनपद सीईओ को दो बार पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा। पर अभी तक गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 में छतरपुर जिले की बड़ामलहरा, बिजावर, लवकुशनगर और बारीगढ़ जनपद पंचायत द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कर 950 जाेड़ाें की शादियां कराई गईं। इन नवविवाहित जोड़ों को योजना का लाभ दिए जाने से पहले भोपाल मंत्रालय ने आदेश जारी कर जांच के आदेश कर दिए। पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी ने जिले में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के दौरान पिछले दिनों हुई शादियों की जांच के लिए तीन-तीन सदस्यीय टीम बनकर जांच कराई। जिसमें से अभी तक 750 शादियों की जांच यह टीमें कर पाई हैं।

जिसमें सबसे अधिक बड़ामलहरा जनपद पंचायत द्वारा कराई गई 99 शादियां अपात्र पाई गईं। इसके साथ ही लवकुशनगर में 18, बिजावर और बारीगढ़ में 12-12 जोड़े अपात्र पाए गए। 141 जोड़े अपात्र पाए जाने पर तत्कालीन पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के प्रभारी अधिकारी विजय कुमार तिर्की ने चारों जनपद पंचायत के सीईओ को पत्र जारी कर संबंधित पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए। पर दो माह से अधिक गुजर जाने के बाद भी जनपद सीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की है।

फर्जीवाड़ा करने वाले पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों पर नहीं हो रही कार्रवाई

45 से अधिक गांव के युवक-युवतियों ने की फर्जी शादी

बड़ामलहरा जनपद पंचायत द्वारा 9 जून को आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में घूरावली, महाराजगंज, रानीताल, कर्री, टौरिया, भनगुवां, पिपरा, छायकुआं, मखनपुरा, झिगरी, चमरोई, विलवार, बंधा, हलावनी, घिनौची, बारों, बमनौराकला, सौरई, अंधियारा, रामटौरिया, सेवार, परवारी, सिमरिया, भोयरा, पिपराबंधा, रनगुवां, बड़ामलहरा, बरौं, सड़वा, मेलवार, भेलदा, परा, मबई, हलावनी, हतरी, देवरान, बौकना, करकी, ढोगरपुरा, लखनवां, बरेठी, देवपुर और पिपरा बंधा सहित एक सैकड़ा के करीब जोड़े अपात्र पाए गए।

विवाह सम्मेलन आयोजित करने मिलती है राशि

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने के लिए जनपद पंचायत को प्रति शादी तीन हजार रुपए की राशि दी जाती है। इसके साथ ही शादी करने वाले युवक-युवती को शासन द्वारा खाते में 48 हजार की राशि डाली जाती है। इस राशि को पाने के लिए गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक अपात्रों से मिलकर उनकी शादियां इस योजना के तहत कराते हैं और उन्हें लाभ दिलाते हुए स्वयं भी रुपए खाते हैं।

सरपंच, सचिव करते हैं सत्यापित

गांव के जिस युवक या युवती को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत विवाह कराना होता है, वह गांव के सचिव के पास अपना आवेदन देता है। इस आवेदन की जांच के बाद सरपंच और सचिव टीप लगाते हुए सत्यापित करते हैं। इसके बाद यह आवेदन पंचायत इंस्पेक्टर के पास जाता है। पीसीओ की टीप लगने के बाद संबंधित युवक-युवती का विवाह योजना के तहत जनपद पंचायत द्वारा सम्मेलन आयोजित कर कराया जाता है।

कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं

यह जांच मेरे पदभार ग्रहण करने के पहले से चल रही है। इस मामले में संबंधित जनपद सीईओ को पत्र जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जनपद सीईओ ने कुछ पंचायत कर्मियों पर कार्रवाई की है। अभी 10 प्रतिशत जांच होना बाकी है, जो जल्द ही पूरी करा ली जाएगी। जांच में अपात्र पाए जाने पर विवाहित जोड़ों की सहायता राशि रोक दी गई है।
– डिप्टी कलेक्टर प्रियांशी भंवर, प्रभारी अधिकारी

बड़ामलहरा जनपद में जितनी भी शादियां अपात्र पाई गईं, उन सभी के भुगतान रोक दिए गए हैं। साथ ही संबंधित सरपंच, पंचायत और रोजगार सहायक को नोटिस जारी कर दिया है। पंचायत एवं न्याय विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
– अजय सिंह, जनपद सीईओ बड़ामलहरा



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