दतिया20 मिनट पहले
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- नपा के पास नौ कचरा वाहन, टिपर और 388 सफाई कर्मचारी फिर भी गंदगी के ढेर
दीपावली और नवरात्र पर्व सिर पर है। त्योहारों के नजदीक आते ही घरों की साफ सफाई, रंगाई, पुताई का कार्य प्रारंभ हो गया है। शहर में निकलने वाले कचरे की मात्रा भी बढ़ गई है। दूसरी तरफ नगर पालिका के कर्मचारियों ने शहर से कचरा उठाना बंद कर दिया है। शहर में कई जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। कचरा सड़क मार्गों पर फैल रहा है। तो वहीं कुछ लोग कचरा नष्ट करने के लिए आग लगा रहे हैं। जिससे तेज धुआं के कारण पास से निकलने पर सांस लेने में भी दिक्कत होती है। घुटन होने लगती है। लेकिन नगर पालिका का इस तरफ ध्यान नहीं है।
शहर के छत्तीस वार्डों से कचरा उठाने के लिए 9 वाहन हैं। इसके अलावा टिपर वाहन अलग से हैं जिन की जिम्मेदारी डोर टू डोर से कचरा कलेक्शन करने की है। नगर पालिका के पास 388 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें अकेले साफ सफाई के लिए 249 कर्मचारी हैं जबकि बांकी ड्राइवर व अन्य कार्य में तैनात हैं। वैसे तो इन सभी कर्मचारियों पर शहर के सभी छत्तीस वार्डों की साफ सफाई का जिम्मा है लेकिन कर्मचारी मुख्य मार्गों, शहर के अंदर की बस्तियों में ही सफाई करने जाते हैं।
शहर की चार दिवारी के बाहर की बस्तियों, कॉलोनियों में कर्मचारी सफाई करने नहीं जाते हैं। हर वर्ष नगर पालिका दीपावली अथवा अन्य बड़े त्योहारों पर अतिरिक्त कर्मचारियों को सफाई कार्य के लिए रखती है। लेकिन इस बार कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। केवल पूर्व से तैनात कर्मचारियों से ही काम किया जा रहा है। यही कारण है कि शहर से कचरा नहीं उठ पा रहा है।
दुकानदार बोले- चार दिन से नहीं उठा कचरा, गंदगी से परेशान
शहर के बाजार में मुख्य मार्ग पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। दुकानदार भी इन कचरे के ढेरों के कारण परेशान हैं। दुकानदार रामबाबू कहते हैं कि चार दिन से हमारी दुकान के सामने कचरा पड़ा है। कोई भी कचरा उठाने नहीं आया है। पूरे दिन कचरा वाहनों के निकलने से फैल रहा है। कचरे में डली पॉलिथीन उड़कर घरों में जा रही हैं। वहीं सड़क पर पड़े कचरे के ढेरों पर आग लगाई जा रही है और डस्टबिन में भी कचरा ओवरफ्लो होने पर आग लगाई जा रही है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लेकिन नगर पालिका के अफसर शहर में देखने तक नहीं जा रहे हैं। नगर पालिका भगवान भरोसे चल रही है।