आष्टा8 घंटे पहले
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स्वच्छता अभियान के चलते नगर पालिका ने नगर के वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने के लिए वाहन की व्यवस्था की थी। इन वाहनों की देखरेख नहीं होने के कारण जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। इस वजह से यह कहीं पर भी खराब होकर खड़े हो जाते हैं। इस कारण यह कई बार अपने रूट पर नहीं पहुंच पाते हैं। इसके बाद भी इनकी मरम्मत नहीं कराई जाती है।
इस कारण आमजन को कचरा सार्वजनिक स्थानों पर डालना पड़ता है। जबकि इन वाहनों की व्यवस्था इसलिए गई है कि आमजन अपने घर से निकलने वाला वेस्ट इन वाहनों में डाल सकें तथा नगर स्वच्छ रह सके। नगर पालिका ने यह व्यवस्था सेलेस्टियन मैनेजमेंट कंपनी इंदौर को ठेका पर दी गई है। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा वार्डों से कचरा संग्रह किया जाता है। इसके अलावा इनकी मनमानी भी जमकर चल रही है। जो कई वार्डों में तो जाते ही नहीं हैं।
वहीं कुछ वार्ड में पूरी जगह जाने की बजाए एक दो मार्गों से वापस चले जाते हैं। जिससे लोग अपने घरों का कचरा नहीं डाल पाते हैं। इस कारण उन्हें सार्वजनिक कचरा स्थान पर जाकर डालना पड़ता है। कंपनी के जिम्मेदारों द्वारा शुरूआत में जरूर इन कचरा वाहनों की मानिटर्रिंग की गई थी, लेकिन अब वह भी बंद कर दी गई है। इसी तरह वाहनों को भी जर्जर हालत में चलाया जा रहा है। जो मेंटनेंस नहीं होने के कारण कहीं पर भी बिगड़ कर खड़े हो जाते हैं। जिससे रूट के वार्ड में नहीं जा पाते हैं।
वाहनों को नहीं बदला जा रहा
नगर में जो डोर-टू-डोर वाहन चलाए जा रहे हैं उनकी हालत काफी खस्ताहाल हो चुकी है। कई वाहन के तो दरवाजे तक निकल रहे हैं। जिसे वाहन चालक रस्सी से बांधकर काम चला रहे हैं। इसी तरह पीछे का हिस्सा भी जर्जर होने से कचरा गिरता रहता है।