हटा5 घंटे पहले
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नगर के मॉडल स्कूल की बिल्डिंग कलेक्टर दमोह की सहमति से अस्थायी रूप से केंद्रीय विद्यालय के लिए प्रदान की गई है, तभी से मॉडल स्कूल एक्सीलेंस स्कूल में ही संचालित किया जा रहा है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन द्वारा मॉडल की राशि का बेतहाशा खर्च किया जा रहा है। इसका खुलासा एक आरटीआई से प्राप्त जानकारी में हुआ है। माॅडल स्कूल में बच्चों की सभी सुविधाओं को ध्यान मँ रखते हुए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त फंड दिया जा रहा है।
माडल स्कूल 2012 में खुला और स्कूल विकास के लिए 81 हजार रुपए दिए गए, लेकिन इन पैसों का पहले कोई उपयोग नहीं हुआ और जैसे ही माॅडल की बिल्डिंग तैयार होकर सेंट्रल स्कूल को दी गई। उसके ठीक बाद से 2017 मे 78 हजार रुपए की जाली खरीदी और खिडकी मे 35 हजार रुपए का फाइबर लगाया है जो उत्कृष्ट की बिल्डिंग मे उपयोग हो रहा है। इसी तरह उत्कृष्ट विद्यालय के लिए बिजली बिल,आफिस के पर्दे आदि के भी बिल लगाए हैं, जो सिर्फ उत्कृष्ट के फंड से ही लगाएं जाने थे, लेकिन माडल स्कूल के फंड का दुरुपयोग जमकर किया गया है।
जब इस संबंध में उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य आरके पाठक से बात की तो उन्होंने बताया कि जब एक साथ विद्यालय लग रहे हैं तो सामान की खरीदारी होती रहती हैं। लेकिन जब अनावश्यक सामान माॅडल की राशि से लेने की बात पर चुप्पी साध ली।