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- The Committee Will Have To Take Permission To Install The Goddess Statue, The Rules Issued By The Administration Will Have To Be Followed.
टीकमगढ़21 घंटे पहले
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पिछले वर्ष दशहरा पर चल समारोह इस तरह निकला था। फाइल फोटो
नजदीक आ रहे मुख्य त्यौहार नवरात्र को लेकर लोगों के असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिसको लेकर एक के बाद एक मप्र शासन की ओर आदेश जारी होते जा रहे हैं। अब प्रतिमा स्थापित करने वाली कमेटियों को परमिशन लेनी होगी। शासन ने लोगों को श्रद्धा भाव के साथ-साथ सोशल डिस्टेंस के साथ त्यौहार मनाने के नए आदेश पारित किए हैं। इसमें पंडाल की सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। जिसको लेकर कलेक्टर ने भी धार्मिक आयोजनों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मप्र शासन गृह विभाग द्वारा प्रसारित निर्देशों के अनुक्रम में धार्मिक कार्यक्रम, त्यौहार के मद्देनजर नए आदेश जारी किए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण, बचाव को देखते हुए दृष्टिगत रहते हुए जन सामान्य के स्वास्थ्य हित एवं लोकशांति बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुभाष कुमार द्वारा टीकमगढ़ जिले के संपूर्ण सीमा क्षेत्र में निम्नानुसार आदेश पारित किया गया है। जिसको अनिवार्य रूप से लोगों को मानना होगा। इससे पहले भी प्रशासन ने गाइड लाइन जारी की थी। इसके बाद लगातार संशोधन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने शासन के आदेशनुसार त्यौहार मनाने की बात कही है। कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 के रोकथान व बचाव के लिए तत्पर रहें। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए, मास्क एवं सैनिटाइजर का समुचित प्रयोग करे, सर्दी, खांसी-जुकाम एवं बुखार की स्थिति में तत्काल अस्पताल जाकर जांच कराएं। अन्यथा की स्थिति में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत संबंध व्यक्ति पर कार्रवाई की जा सकती है।
.रावण दहन – शर्तों के आधार पर होंगे आयोजन
कोविड संक्रमण को देखते हुए धार्मिक, सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह की भी अनुमति नहीं होगी। साथ ही गरबा के आयोजन नहीं हो सकेंगे। लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। रावण दहन के पूर्व परम्परागत श्रीराम के चल समारोह की प्रतिकात्मक रूप में अनुमति होगी।
रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा संबंधित अनुविभागीय मजिस्ट्रेट की पुर्वानुमति प्राप्त कर आयोजित किए जा सकेंगे। 15 अक्टूबर के बाद होने वाले इन आयोजनों की सीमा जिला कलेक्टर द्वारा नियत की जा सकेगी।
प्रशासन द्वारा जारी नियमों का करना होगा पालन
- झांकियों, पंडालों, विसर्जन के आयोजनों, रामलीला तथा रावण दहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु, दर्शक द्वारा फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करना होगा।
- समस्त दुकानें रात 8 बजे तक खुलने की अनुमति होगी। केमिस्ट, रेस्त्रां भोजनालय, राशन एवं खानपान से संबंधित दुकानें 8 बजे के बाद भी अपने निर्धारित समय तक खुली रह सकती हैं।
- रात 10.30 बजे से सुबह 6 बजे तक अकारण आवागमन न हो इसके लिए नियमित रूप से पुलिस विभाग द्वारा पेट्रोलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- अनुविभागीय मजिस्ट्रेट द्वारा दुकानों का निरंतर निरीक्षण होगा। दुकान संचालक स्वयं मास्क पहनें तथा ग्राहकों के उपयोग के लिए सैनिटाइजर तथा सोशल डिस्टेसिंग के साथ रहना होगा।
10 बाई 10 का प्रतिबंध हटाया
विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जाने वाली प्रतिमा के लिए शासन ने 10 बाई 10 का पंडाल लगाने की अनुमति दी थी, प्रतिबंध हटाकर अधिकतम 30 बाई 45 फीट नियत तक कर सकते हैं। झांकी स्थल पर श्रद्धालुओं, दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी। इसके अलावा मूर्ति विसर्जन संबंधित आयोजन समिति कर सकती है। विसर्जन के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी।