ढाई घंटे बाद घर वालों की नज़र इन बच्चों पर पड़ी.
विनीत मारण का टेंट हाउस (Tent house) है और उनके भाई प्रॉपर्टी डीलर हैं. लॉक डाउन (Lock down) और कोरोना के कारण धंधा बंद होने की वजह से वो टेंट हाउस का सामान घर पर उठा लाए थे और करीब 1000 गद्दे रजाइयां घर की छत पर रखवा दिए थे
ये दिल दहलाने वाली घटना रातीबड़ थाना क्षेत्र की है.यहां बरखेड़ी कला गांव में रहने वाले विनीत मारण का टेंट एंड लाइट का धंधा है.विनीत का संयुक्त परिवार है. शुक्रवार को उनका बेटा हर्षित और भाई की बेटी अंशिका दोनों खेलते-खेलते छत पर चले गए. लेकिन घर के किसी सदस्य ने ध्यान नहीं दिया. काफी देर तक जब वो दिखाई नहीं दिए तब घरवालों को उनकी याद आयी और बच्चों को ढूंढ़ना शुरू किया. जब बच्चे कहीं नहीं दिखे तब घरवालों ने उन्हें छत पर तलाशा.
गद्दों के नीचे दबे थे मासूम
छत पर टेंट हाउस के गद्दे फैले पड़े थे. तब उन्हें समेटा गया तो दोनों बच्चे उस ढेर के नीचे बेसुध पड़े मिले. परिवार वाले दोनों को तत्काल अस्पताल लेकर भागे लेकिन तब तक तो बच्चों की दम घुटने के कारण मौत हो चुकी थी.
खेल-खेल में गद्दों का ढेर फिसला
दरअसल विनीत मारण का टेंट हाउस है और उनके भाई प्रॉपर्टी डीलर हैं. लॉक डाउन और कोरोना के कारण धंधा बंद होने की वजह से वो टेंट हाउस का सामान घर पर उठा लाए थे और करीब 1000 गद्दे रजाइयां घर की छत पर रखवा दिए थे. अनुमान है कि दोनों बच्चे खेलते-खेलते घर की छत पर आए और गद्दों के पास खेलने लगे. उसी दौरान गद्दों का ढेर फिसल गया और दोनों बच्चे उनके नीचे दब गए. उसी में दबकर दोनों का दम घुट गया. करीब ढाई घंटे बाद परिवार वालों ने बच्चों को वहां दबा देखा. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.