पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई का आश्वासन देकर महिला को सीएम आवास के सामने के मोबाइल टावर से उतारा.
टावर से उतारे जाने के बाद सुनीता थापा ने बताया कि आरोपी खुद होमगार्ड में जवान है और उसकी मां पुलिस मुख्यालय में सब इंस्पेक्टर. इसलिए पुलिस हम पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रही है.
रिपोर्ट वापस लेने का दबाव
युवती ने बताया कि पुलिस कई दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई. आरोपी खुद होमगार्ड में जवान है और उसकी मां पुलिस मुख्यालय में सब इंस्पेक्टर. इसलिए पुलिस हम पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रही है. जहांगीराबाद पुलिस और कोहेफिजा पुलिस बार-बार पूछताछ के बहाने हमें धमका रही है. इसके अलावा इस मामले की जांच करने वाली अधिकारी सब इंस्पेक्टर रिचा त्रिपाठी भी फोन करके हमें रिपोर्ट वापस लेने के लिए धमका रही है. हमें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है. युवती ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर मैं मोबाइल टावर पर न्याय के लिए चढ़ गई.
मां के इलाज के लिए रखे थे पैसेएडिशनल एसपी राम सनेही मिश्रा ने बताया कि इस मामले में सभी पक्षों की बात सुनी जा रही है. किसी के साथ अन्याय नहीं होगा. युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसने मां की डायलिसिस के लिए 60 हजार रुपए रखे थे. इन्हीं पैसों को उसने आरोपी आकाश को दिया. पुलिस सभी तत्वों को जांच करेगी. मिश्रा ने यह भी कहा कि मामला कोहेफिजा थाने का है. इसलिए इस पूरे मामले की जांच में कोहेफिजा पुलिस की मदद ली जाएगी. किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा.
महिला आयोग की अध्यक्ष भी पहुंचीं थाने
महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा और सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि पुलिस महिला अपराधों को गंभीरता से नहीं ले रही है. सीएम हाउस के सामने एक युवती टावर पर चढ़कर खुदकुशी की कोशिश करती है. यह सरकार के लिए शर्मसार करने वाली घटना है. पुलिस को तत्काल इस मामले में एक्शन लेना चाहिए. शोभा ओझा ने बताया कि हमने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए.