What is the truth of the alleged sister-in-law, the doctor of Jabalpur was with the victim’s family, the police is looking for Naxalite links | क्या है कथित भाभी का सच, पीड़ित परिवार के साथ रही थीं जबलपुर की डॉक्टर, पुलिस तलाश रही नक्सली लिंक

What is the truth of the alleged sister-in-law, the doctor of Jabalpur was with the victim’s family, the police is looking for Naxalite links | क्या है कथित भाभी का सच, पीड़ित परिवार के साथ रही थीं जबलपुर की डॉक्टर, पुलिस तलाश रही नक्सली लिंक


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जबलपुर10 घंटे पहले

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जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के फार्मोकोलाजी विभाग की डॉ. राजकुमारी बंसल।

  • पीड़िता के घर 4 दिन रही भाभी जबलपुर के सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के फार्मोकोलाजी विभाग की डॉ. राजकुमारी बंसल
  • राजकुमारी पर आरोप लग रहा है कि पीड़िता की नकली भाभी बनकर गलत बयानबाजी कर लोगों को भड़काया

हाथरस मामले में नक्सल कनेक्शन भी जुड़ गया है। पीड़िता के घर 4 दिन रही और पुलिस जांच से पहले लापता हुई कथित ‘भाभी’ जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के फार्मोकोलाजी विभाग की डॉ. राजकुमारी बंसल है। पुलिस जांच कर रही है कि इसके कनेक्शन नक्सलियों से तो नहीं है। इसके अलावा रिश्तेदार बनकर ठहरने वाले दो लोगों के बारे में पता लगा रही है कि वह वहां क्यों रहे।

दूसरी ओर, भीम आर्मी के उत्तर प्रदेश प्रवक्ता सौरभ किशोर ने कहा युवती के साथ संगठन के किसी भी लिंक को नकारते हुए कहा कि हमने उसे पीड़िता के घर नहीं पहुंचाया था। उधर, सीबीआई ने शनिवार देर शाम जांच अपने हाथ में ले ली।

परिवार के सदस्यों की गिनती हुई तो युवती भागी
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर रावण 4 अक्टूबर को पीड़िता के गांव गए थे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद से ही पुलिस-प्रशासन ने परिवार के सदस्यों का पता लगाया। पुलिस की इस कवायद से परिवार में रिश्तेदार बनकर रह रहे लोग अचानक से गायब हो गए। भाभी बनकर रही डॉ राजकुमारी भी 6 अक्टूबर को चली गई। रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद से ही डॉ राजकुमारी पर आरोप लग रहा है कि पीड़िता की नकली भाभी बनकर गलत बयानबाजी कर लोगों को भड़काया।

60 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में हाईकोर्ट में पेश होगा पीड़िता का परिवार
पीड़िता का परिवार साेमवार काे 60 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पेश हाेगा। इस मामले में हाथरस जिला जज को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

मैं जानना चाहती थी कि कैसे दुष्कर्म केस ऑनर किलिंग में बदल जाता है
^मैं फोरेंसिक की विशेषज्ञ हूं। मैं मानवता के नाते हाथरस पहुंचकर देखना चाहती थी कि दुष्कर्म का केस ऑनर किलिंग में कैसे तब्दील हो रहा है
डॉ. राजकुमारी बंसल

एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट में कह सकती है- दुष्कर्म हुआ ही नहीं है…
हालांकि रिपोर्ट में यह जरूर माना गया है कि पुलिस भीड़ रोकने से चूक गई। जिस दिन पीड़िता की मौत हुई, उस दिन गांव में सैकड़ों की भीड़ इकट‌्ठा होने से पुलिस नहीं रोक सकी। इसी एक चूक ने पूरे मामले में सरकार की किरकिरी करवाई, वहीं प्रशासन को त्वरित दाह संस्कार का निर्णय लेना पड़ा। हालांकि अभी तक एसआईटी या पुलिस विभाग ने अपनी तरफ से किसी तरह के बयान नहीं दिए हैं।

एसआईटी टीम रोज सरकार को स्थिति से अवगत करा रही है। एसआईटी जांच के मामले में पीड़िता के परिजन का कहना है कि हमें इंसाफ नहीं मिला है। हम इंसाफ के लिए लड़ रहे हैं। हमारी बेटी के साथ जो हुआ, वो दूसरे के साथ न हो। आरोपियों के कहने पर सीबीआई जांच हो रही है, इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं। कौन से कानून में लिखा है कि फरियादियों का नार्को टेस्ट होता है? टेस्ट करवाना है तो पुलिस का करवाओ, हमारा क्यों?



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