पिछले नौ दिनों से मामले की जांच कर रहे जबलपुर के गढ़ा थाना के प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि इस मामले में नामज़द सभी छात्रों के बयान लिए गए हैं. (सांकेतिक फोटो)
परिजनों ने पुलिस को बताया था कि डॉक्टर देवांगन (Doctor Devangan) ने बीते 24 जुलाई को भी रैगिंग से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद पांच डॉक्टर्स के नाम सामने आए थे.
दरअसल, बीते दिनों जबलपुर में एक खबर सामने आई थी कि रैगिंग से तंग आकर एक डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली. एक अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल नंबर तीन में डॉ. भागवत देवांगन का शव बरामद किया गया था. मृतक डॉक्टर छत्तीसगढ़ के जांजगीर राहौद नगर पंचायत का रहने वाला था. जबलपुर पहुंचे परिजनों ने पुलिस से जो शिकायत की उसके बाद जांच अधिकारियों के होश उड़ गए. दरअसल, यह मामला रैगिंग से जुड़ा हुआ सामने आया था.
24 जुलाई को भी रैगिंग से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया था
परिजनों ने पुलिस को बताया था कि डॉक्टर देवांगन ने बीते 24 जुलाई को भी रैगिंग से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद पांच डॉक्टर्स के नाम सामने आए थे. कॉलेज प्रबंधन ने उन पांचों डॉक्टर्स पर कोई कार्रवाई नहीं की. एक बार फिर जब वह अपने घर से वापस पढ़ाई के लिए हॉस्टल पहुंचा तो उसके साथ फिर रैगिंग शुरू कर दी गई, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. परिजनों का आरोप था कि उसके साथ सीनियर्स जातीय भेदभाव करते हैं. बयान के आधार पर पुलिस मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, कॉलेज के डीन सहित साथी जूनियर और सीनियर डॉक्टर से पूछताछ कर मामले की छानबीन में जुट गई.नामज़द सभी छात्रों के बयान लिए गए हैं
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले नौ दिनों से मामले की जांच कर रहे जबलपुर के गढ़ा थाना के प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि इस मामले में नामज़द सभी छात्रों के बयान लिए गए हैं. अभी कोविड के कारण कई डॉक्टरों से पूछताछ नहीं हो पाई है. हम सारी आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं. वहीं, डॉक्टर भागवत देवांगन के बड़े भाई प्रहलाद देवांगन ने कहा कि मेरे छोटे भाई ने मुझे कई बार शिकायत की कि उसके कॉलेज के सीनियर उसकी ग़रीबी और जाति का हवाला दे कर उसके साथ मारपीट करते हैं. साथ ही शारीरिक-मानसिक रुप से प्रताड़ित करते हैं. शिकायत करने के बाद भी कॉलेज प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है.