फूप14 घंटे पहले
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अंग्रेजाें के समय का बना फूप थाना भवन ।
- पुलिसकर्मियों को रहता है हादसे का अंदेशा, नया भवन बनने से दूर होगी समस्या
देश को आजाद हुए भले ही 73 साल हो गए हैं। लेकिन भिंड जिले में फूप थाने की पुलिस आज भी अंग्रेजी हुकूमत में बनाए गए थाने में ही काम कर रही है। कई साल पुराना होने के कारण यह भवन जर्जर हो चुके हैं। हालांकि इसको देखते हुए अब पुलिस विभाग द्वारा नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य कराया जाएगा। भवन निर्माण के लिए पुलिस हाउसिंग बोर्ड टीम द्वारा शनिवार को निरीक्षण किया गया।
गौरतलब है कि नेशनल हाईवे-92 पर स्थित फूप थाने का निर्माण वर्ष 1936 में कराया गया था। उस समय देश गुलाम था और अंग्रेजी सरकार की हुकूमत थी। देश आजाद होने के बाद अंग्रेज यहां से चले गए, फिर भारतीय पुलिस ने इसी थाने से ही कामकाज शुरू कर दिया। लेकिन आज थाने की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। बारिश के समय छतों से पानी टपकता है। इस दौरान पुलिसकर्मी अपने रिकॉर्ड को बारिश के पानी से बचाने के लिए पॉलीथिन में रखते हैं। साथ ही यहां काम करने वाले कर्मचारियों को डर बना रहता है कि कहीं काेई हादसा न हो जाए।
पुलिस हाउसिंग बोर्ड कराएगा निर्माण: फूप पुलिस थाने की जर्जर बिल्डिंग को देखते हुए जिला पुलिस विभाग की ओर से पीएचक्यू प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने बाद। शनिवार को पुलिस हाउसिंग बोर्ड टीम फूप थाने का निरीक्षण करने आई। टीम ने निरीक्षण करते हुए नई बिल्डिंग बनाने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार की।
दो-तीन दिन में निर्माण कार्य शुरू होगा
^पुलिस हाउसिंग बोर्ड द्वारा नए भवन निर्माण के लिए निरीक्षण किया जा चुका है। निर्माण कार्य आगामी दो-तीन बाद शुरू हो जाएगा। जिसके बाद कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
रविंद्र सिंह तोमर, थाना प्रभारी, फूप
नये थाने में पुरुष और महिलाओं के लिए बंदीगृह और पूछताछ कक्ष बनाए जाएंगे
पुरानी बिल्डिंग की जगह 75 लाख रुपए की लागत से नया भवन एमपी हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस थाना परिसर में आजादी से पहले जो आवास बने हुए हैं। उनके स्थान पर नए 12 आवास बनाए जाएंगे। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि नया थाने में पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग बंदीगृह और पूछताछ कक्ष बनाए जाएंगे। इसके अलावा पुरुष और महिला कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कक्ष रहेंगे।