दोनों आरोपी दरभंगा के रहने वाले हैं. दिल्ली में किराये का मकान लेकर रह रहे थे.
जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) कश्मीरी गेट दिल्ली से मिले डिटेल्स के आधार पर कोलार पुलिस ने जब पड़ताल की तो एमपी (MP) के कुल 170 लोगों की सूची मिली जो इस गिरोह की ठगी का शिकार हो चुके हैं.
ये मिली थी शिकायत…
भोपाल की राजहर्ष कॉलोनी में रहने वाले कुबेर निवारे ने कोलार थाने में शिकायत की थी कि उनके मोबाइल पर अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आया. बात करने वाले ने अपने आप को एमआई रेडमी कंपनी का रिप्रेजेन्टेटिव बताते हुए ऑफर के तहत रेडमी नोट एट/टू मोबाइल फोन जिसकी असल कीमत करीबन 25000 रुपये है को मात्र 4500 रुपये में देने का ऑफर दिया. साथ ही ये कहा कि पेमेन्ट माल की डिलीवरी के बाद करना. उसके अगले दिन घर पर एक पोस्टमैन पैकेट लेकर आया. कुबेर ने वो पैकेट लेने के बाद 4500 रुपये का पैमेन्ट कर दिया. लेकिन जब पैकेट खोला तो उसमें मोबाइल फोन के बजाए गत्ते के टुकडे भरे थे.
ऐसे देते थे वारदात को अंजामपुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि गिरोह के लोग दिल्ली में बैठकर पूरे देश में लोगों को ठग रहे हैं. कुछ क्लू मिलने के बाद पुलिस टीम दिल्ली गयी और तमाम सबूतों के आधार पर अनाम हैदर और जफर खान नाम के युवकों को गिरफ्तार किया. उनसे पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने नांगलोई, नजफगढ़ रोड नई दिल्ली में किराये के मकान ले रखे थे. वहीं से अपना रैकेट चला रहे थे. ये फोन करके लोगों को ब्रांडेड कंपनियों के मोबाइल फोन सस्ते में देने का ऑफर देते थे. लोग इनकी बातों में आ जाते थे. उसके बाद ये उसका पता लेकर मोबाइल पैकेट के आकार का एक पैकेट तैयार कर डाक से भेज देते थे. ग्राहक उस पैकेट की डिलेवरी लेकर फोन का पेमेंट डाकिया को दे देता था. आरोपी अपने संबंधित डाकघर से उस रकम को ले लेते थे.
गूगल के ज़रिए…
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि वह गूगल पर किसी भी मोबाइल कंपनी के सिम नम्बर की सीरीज डालकर कुछ मोबाइल नंबर हासिल कर लेते थे. फिर उन्हीं मोबाइल नंबरों के आगे पीछे अंक बदलकर लोगों को ऑफर देते थे.
170 लोगों को ठगा
आरोपियों ने बी कॉम की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से की है और मूलतः दरभंगा बिहार के रहने वाले हैं.जनरल पोस्ट ऑफिस कश्मीरी गेट दिल्ली से मिले डिटेल्स के आधार पर कोलार पुलिस ने जब पड़ताल की तो एमपी के कुल 170 लोगों की सूची मिली जो इस गिरोह की ठगी का शिकार हो चुके हैं. अब शिकार व्यक्तियों का पता लगाकर उनसे अन्य थानों में एफआईआर करवायी जा रही है.