How did the mill get Rs 62 crore? Loan, department conducted investigation | मिल पर कैसे मिला 62 करोड़ रु. का ऋण, विभाग कराए जांच

How did the mill get Rs 62 crore? Loan, department conducted investigation | मिल पर कैसे मिला 62 करोड़ रु. का ऋण, विभाग कराए जांच


खरगोन16 घंटे पहले

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नगर के एकमात्र उद्योग को चलाने के लिए सरकार ने श्रमिकों को जो मिल दी गई थी, उस पर 62 करोड़ का ऋण जिला सहकारी बैंक ने कैसे स्वीकृत कर दिया। इसकी जांच की मांग मिल के पूर्व श्रमिकों ने की। राज्य वस्त्र उद्योग निगम ने नगर की बंद मिल को वर्कर सोसायटी बनाकर 5 करोड़ 21 लाख का अनुबंधन पत्र बनाकर मिल को चलाकर यहां कार्यरत श्रमिकों को काम देने का लिखित समझौता हुआ था लेकिन वर्कर्स सोसायटी के एक सदस्य ने मिल की सारी संपत्ति को गिरवी रखकर 62 करोड़ का लोन लिया। मिल के योगेंद्र करड़क, टीसी जोहरा, गिरीश बाकरचे, लीलाबाई व पूर्व पार्षद गौतम विद्यार्थी ने लिखित आवेदन देकर इसमें आर्थिक अनियमितता की जांच की मांग की है। श्रमिकों ने बताया सन 2002 में वीआरएस की राशि से श्रमिकों को रहने वाले आवासी मकान की राशि अदायगी कर मकान दे दिए थे लेकिन अभी भी रहवासियों के आवासीय मकान उनके नाम नहीं हुए। जमीनों को बेचकर षड्यंत्रपूर्वक मिल की संपत्ति को भू-माफियाओं के अधीन करने की चाल चल रही है। बड़वाह विधायक सचिन बिर्ला ने मिल परिसर में दुकानों की नीलामी रुकवाई लेकिन यहां पर नगरपालिका से गोदाम बनाने की अनुमति ली गई थी। जो नियम अनुसार गलत है। नगरपालिका ने इस निर्माण अनुमति के काम की जांच नहीं की। मिल की खाली पड़ी जमीन के साथ पूरी संपत्ति बेचने की कवायद जिला सहकारी बैंक कर रही है। इतनी बड़ी राशि ऋण के रूप में दी गई। यह भी विचारणीय मुद्दा है कि लीज की जमीन पर इतनी बड़ी राशि का लोन देना उचित निर्णय यह भी संदेह के घेरे में आता है। मिल के पूर्व श्रमिकों ने इस मामले में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष से जुड़े विधायक का ध्यान दिला कर इसमें कार्रवाई की मांग की है।



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