IG Yogesh Deshmukh arrives at Chhoti Gwalatoli Police Station | व्यापारी बनकर रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचे आईजी, थाने पर सिपाही से बोले – बाइकर्स ने मोबाइल लूटा, रिपोर्ट लिखो, एक घंटे तक देखते रहे पुलिस की कार्रवाई, मास्क उतारा तो चौंक गए टीआई

IG Yogesh Deshmukh arrives at Chhoti Gwalatoli Police Station | व्यापारी बनकर रिपोर्ट लिखवाने थाने पहुंचे आईजी, थाने पर सिपाही से बोले – बाइकर्स ने मोबाइल लूटा, रिपोर्ट लिखो, एक घंटे तक देखते रहे पुलिस की कार्रवाई, मास्क उतारा तो चौंक गए टीआई


इंदौर15 मिनट पहले

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आईजी योगेश देशमुख सिविल ड्रेस में छोटी ग्वालटोली थाने पहुंचे थे।

  • आईजी योगेश देशमुख सिविल ड्रेस में अपने एक सिपाही को रात में छोटी ग्वालटोली थाने पहुंचे थे
  • टीआई को बोले – थाने पर कोई आए तो पहले रिपोर्ट लिखना चाहिए, मौका-मुआयना करना भी जरूरी

थानों पर कैसा काम होता है, पुलिस चोरी या लूट की रिपोर्ट को कितना रिस्पांस देती है, इसको जानने के लिए आईजी खुद अपने सिपाही के साथ आम आदमी बनकर छोटी ग्वालटोली थाने पहुंच गए। वहां बताया कि मधुमिलन पर लूट हो गई है। सिपाही ने सूचना एचसीएम को दिया फिर एचसीएम आईजी और सिपाही को घटनास्थल पर लेकर मुआयना करने पहुंचा। बाद में टीआई के पास लाया। इस तरह एक घंटा लग गया। फिर आईजी ने मास्क हटाकर अपना नाम बताया। बोले थाने का रिस्पांस अच्छा है, लेकिन इतनी देर में रिपोर्ट हो जाना चाहिए। वर्दी ढंग की नहीं पहनने वाले दो सिपाहियों को निंदा की सजा भी सुनाई।

छोटी ग्वालटोली थाने पर दो दिन पहले रात 8.30 बजे आईजी योगेश देशमुख सिविल ड्रेस में अपने एक सिपाही को लेकर पहुंचे। वहां मौजूद थाने के सिपाही को बताया कि ये (साथ आया युवक) मेरा भतीजा है। हम किराना व्यापारी हैं। ये बाइक से जा रहा था तभी मधुमिलन चौराहे पर इसे अपाचे से आए दो बदमाशों ने झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लिया। रिपोर्ट लिखवाना है। इस पर सिपाही ने अपने एचसीएम को जनकारी दी। एचसीएम ने क्षेत्र में पैदल भ्रमण रहे एएसआई केके तिवारी को बताया। तिवारी थाने पहुंचे। वहां से दोनों फरियादियों को लेकर मधुमिलन चौराहे पहुंचे। मौका मुआयना किया। तिवारी ने फिर पूछा क्या चाहते हो। आईजी बोले रिपोर्ट। इस पर तिवारी ने टीआई को फोन लगाया। टीआई बोले में पटेल ब्रिज के पास भ्रमण में हूं। इस पर थाने की जीप में बैठाकर तिवारी आईजी औऱ उनके भतीजे को टीआई के पास लाया। टीआई ने पूछताछ की फिर कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर दो। पहले सिटीजन कॉप में भी इंट्री कर दो, ताकि मोबाइल की लोकेशन मिल जाएगी।

आखिर आईजी ने अपना मास्क उतारा। फिर अपना परिचय दिया। यह सुनते ही टीआई भी चौंक गए। तत्काल सैल्यूट मारा। कहा कि सर पहचान नहीं पाया। फिर आईजी ने पूरे स्टाफ को पटेल चौक पर बुलवाया। वहां सबकी वर्दी देखी। दो पुलिसकर्मियों की वर्दी में खामी थी, इसलिए उन्हें निंदा की सजा दी। फिर टीआई को बोले कि थाने पर कोई आए तो पहले रिपोर्ट लिखना चाहिए, हालांकि मौका-मुआयना करना भी जरूरी है। फिर भी कंट्रोल रूम को सूचना देने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर दो। घटनास्थल दूसरी जगह का होगा तो वहां डायरी पहुंच जाएगी। उधर, अफसरों का कहना है कि आईजी इसी स्टाइल में थानों पर चेक करते हैं। वे किसी भी वाहन से पहुंच जाते हैं, जिससे लोग उन्हें पहचान ना पाएं।



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