खरगोन8 घंटे पहले
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नवरात्रि पर प्राचीन मालनदेवी मंदिर में नौ दिनों तक भक्तों की भीड़ उमड़ती है। प्राचीन मालनदेवी मंदिर में नवरात्रि पर श्रद्धालु प्रतिदिन माता का आकर्षक शृंगार कर पूजा अर्चना की जाती है। सुबह शाम महाआरती कर प्रसादी का वितरण किया जाता है। मालनदेवी मंदिर के सामने से बहने वाली नदी मालननदी के नाम से प्रसिद्ध है। नगर के वृद्धजनों ने बताया प्राचीन मालनदेवी मंदिर 150 वर्ष से अधिक पुराना है। देवास स्टेट के समय से यह मंदिर है। पुराने समय के समय जिले नहीं होते थे। स्टेट होते थे। पाडल्या देवास स्टेट में आता था। कुछ वर्ष पूर्व नगरवासियों के सहयोग से मालनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था। मालन नदी का उदगम स्थल विंध्याचल पर्वत पर तुंबई माता मंदिर व महादेव खोदरा मंदिर के नीचे से दो अलग-अलग नदियां निकलती है। मालनदेवी मंदिर के आगे दोनों नदियों का संगम होता है। प्राचीन समय से ही मालनदेवी मंदिर के नाम से मालन नदी पहचानी जाती है।