Bonus on the bonus: Even today, if the order is not performed on Tuesday, every year in Navratri, railway workers get bonus | बोनस पर ठनी : आज भी आदेश नहीं तो मंगलवार को प्रदर्शन, हर साल नवरात्र में मिलता है रेल कर्मियों को बोनस

Bonus on the bonus: Even today, if the order is not performed on Tuesday, every year in Navratri, railway workers get bonus | बोनस पर ठनी : आज भी आदेश नहीं तो मंगलवार को प्रदर्शन, हर साल नवरात्र में मिलता है रेल कर्मियों को बोनस


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रतलाम4 घंटे पहले

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2019-20 के बोनस को लेकर रेलवे और कर्मचारियों में जबरदस्त ठन गई है। सोमवार को भी सरकार ने आदेश नहीं दिए तो मंगलवार यानी 20 अक्टूबर को पूरे मंडल के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं 21 अक्टूबर तक भी बोनस देने का ऐलान नहीं हुआ। गुरुवार से पूरे देशभर की ट्रेनों को रोककर चक्काजाम किया जाएगा। रविवार को दिनभर वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन और वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ कार्यालयों में कर्मचारियों ने आंदोलन की तैयारी कर ली है।

मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के अलावा डीजल शेड, रेलवे अस्पताल, स्टेशन सहित मंडल के सारे स्टेशनों पर प्रदर्शन होंगे। हर साल रेलवे नवरात्र में बोनस बांट देता है, लेकिन इस बार मंत्रालय से आदेश नहीं आए। हालांकि बताया जा रहा है कि आदेश भले न आए हों लेखा विभाग ने पूरी तरह तैयारी की है। घोषणा होते ही फाॅर्मूले के अनुसार दो दिन में बोनस चढ़ाकर कर्मचारियों के बैंक खाते में सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

दो साल से देश में सबसे पहले बांट रहा रेलवे

दो साल से मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय दीपावली का बोनस देश में सबसे पहले बंट रहा है। 2019 में रेलवे ने दशहरे (8 अक्टूबर) के 15 दिन पहले 23 सितंबर को ही 22.20 करोड़ रुपए और 2018 में दशहरे (19 अक्टूबर) के छह दिन पहले 13 अक्टूबर को ही 22.94 करोड़ का बोनस बांट दिया था।

कर्मचारियों में इसलिए भी गुस्सा

महंगाई भत्ता- जनवरी में 4 प्रतिशत बढ़ा था लेकिन मिला नहीं। जुलाई में भत्ते की घोषणा करने के बजाए सरकार ने जुलाई 2021 तक के लिए फ्रीज कर दिया।

निजीकरण – सरकार ने स्टेशनों और ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में रेलवे की कुछ अन्य संस्थाओं का प्राइवेटाइजेशन किया जा रहा है।

पद का खात्मा – बीते चार माह में बंगला प्यून, डाक मैसेंजर सहित कुछ अन्य पोस्ट समाप्त कर दी है। अब अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही ऐसी ही कुछ अन्य पोस्ट को खत्म करने की तैयारी हो रही है।

नई भर्ती –पूरी तरह बंद है, जबकि अकेले मंडल में हर माह 45 से ज्यादा कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे मंडल में 1300 से ज्यादा पोस्ट खाली पड़ी हैं। ऐसे में कर्मचारियों पर काम बोझ बढ़ता जा रहा है।



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