भाजपा का झंडा (सांकेतिक तस्वीर)
मध्य प्रदेश उपचुनाव (Madhya Pradesh By- Election) के सियासी रण में में जीत के लिए भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं.
भाजपा के चुनावी गीतों में” मेरे रश्के कमर है” को रखा गया है तो वहीं ” है ये सम्मान की बात” “बड़े बड़ाई ना करें” लॉकडाउन में सबसे ज्यादा प्रचलित और लोकलुभावन रामायण के गीत “हम कथा सुनाते है राम सकल गुण धाम की.. गीत को भी प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी गीत में शामिल किया है.तो वहीं देशभक्ति गानों में “तेरी मिट्टी में मिल जावा “जैसे गीतों को भाजपा ने चुनाव प्रचार के लिए तैयार करवाया है, तो वहीं कांग्रेस ने “मेरी क्या गलती है”,”कन्यादान विवाह”, “गौ माता को भोजन “और चुनावी पंच के साथ मतदाताओं को रिझाने चुनावी गीत चुनाव प्रचार के लिए तैयार किए है.
भाजपा का इनपर फोकस
भाजपा ने जो चुनावी गीत तैयार किए हैं, वह सभी आयु वर्ग के मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. चुनावी गीतों के जरिए सभी आयु वर्ग के मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित किया जा सके. 20 से 50 वर्ष के आयु वर्ग के मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने चुनावी गीत तैयार किए हैं. 28 सीटों पर 20 से 50 आयु साल के करीब 46 लाख मतदाता हैं. जबकि सभी सीटों पर 63.68 वोटर्स हैं. भाजपा अपने गीतों के जरिए शिवराज सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष की नाकामियों को भी उजागर कर रही है.विधायकों के धोखे को बता रही कांग्रेस
कांग्रेस उपचुनाव के रण में मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए प्रचार के बिल्कुल अलग तरीके पर फोकस कर रही है. कांग्रेस ने प्रचार के लिए अपने 15 महीने के कार्यकाल में सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच गीतों के जरिए पहुंचा रही है…तो वही विधायकों के इस्तीफा देने से जुड़े विज्ञापनों के छोटे-छोटे पंच भी तैयार किए है… किसान कर्ज माफी,बिजली बिल आधा करने के साथ ही कन्यादान विवाह योजना और गौशाला बनवाने जैसे प्रभावी गानों के जरिए मतदाताओं का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है.