A direct contest between the BJP and the Congress in both the seats, the SP-BSP may spoil the math | दोनों ही सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला, सपा-बसपा बिगाड़ सकती है गणित

A direct contest between the BJP and the Congress in both the seats, the SP-BSP may spoil the math | दोनों ही सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला, सपा-बसपा बिगाड़ सकती है गणित


भिंड21 घंटे पहले

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स्ट्रांग रूम में ईवीएम रखते कर्मचारी।

  • तैयारी- प्रदेश में सबसे ज्यादा 38 उम्मीदवार मेहगांव विस में, हर बूथ पर 3 ईवीएम लगेंगी, गोहद में एक ईवीएम

सोमवार की दोपहर तीन बजे चुनावी दंगल में कूदे पहलवानों की स्थिति साफ हो गई है। मेहगांव में 38 और गोहद में 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन दोनों ही सीटों पर अभी भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला है। लेकिन मेहगांव में इन दोनों ही दलों को सपा और बसपा से भी डर है। वजह यह है कि बसपा से मेहगांव में योगेश मेघ सिंह नरवरिया और सपा से भानु प्रताप सिंह गुर्जर मैदान में हैं।

मेहगांव सीट पर इन दोनों ही जातियों का अच्छा वोट बैंक हैं। हालांकि इस चुनाव में खास बात यह है कि इस बार दोनों ही सीटों पर महिला प्रत्याशी कोई नहीं है। हालांकि गोहद सीट पर आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक से रेखा शाक्य और निर्दलीय रश्मि राहुल ने नामांकन फार्म दाखिल किया था। लेकिन संवीक्षा (जांच) के दौरान यह दोनों ही फार्म निरस्त हो गए।

सपा से कटा टिकट तो सुरेश सिंह ने खींचा फार्म:कांग्रेस से टिकट न मिलने से नाराज होकर पुनः साइकिल पर सवार होकर चुनाव मैदान में उतरने का मन बना चुके सुरेश सिंह राजपूत और समता समाधान पार्टी के उम्मीदवार शिवमोहन सिंह ने अपना नामांकन फार्म वापस खींच लिया है। दरअसल समाजवादी पार्टी से सुरेश सिंह राजपूत ने नामाकंन फार्म दाखिल किया था। लेकिन इससे पहले भानुप्रताप सिंह भी सपा से ही अपना नामाकंन फार्म दाखिल कर चुके थे। वहीं बाद में पार्टी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी भानुप्रताप सिंह को बताते हुए पत्र जारी किया। इस पर प्रशासन ने सुरेश सिंह को निर्दलीय उम्मीदवार बना दिया, जिस पर सुरेश सिंह ने सोमवार को अपना नामांकन फार्म वापस ले लिया। इस प्रकार से मेहगांव में अब 38 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं।

अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा मेहगांव में 38 प्रत्याशी
प्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा मेहगांव में अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा 38 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में अब मेहगांव में तीन ईवीएम की जरूरत होगी, जिससे जिले में ईवीएम की कमी पैदा हो गई है। हालांकि कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह रावत ने अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए निर्वाचन आयोग को 331 ईवीएम की मांग भेज दी है। वहीं गोहद में एक अभ्यर्थी द्वारा अपना नामाकंन फार्म खींच लिए जाने से यहां एक ईवीएम मशीन से मतदान प्रक्रिया संपन्न हो सकेगी।यहां बता दें कि मेहगांव विधानसभा में 378 पोलिंग बूथ हैं। जबकि गोहद में 327 पोलिंग बूथ हैं। इस प्रकार से मेहगांव में प्रत्येक पोलिंग बूथ पर तीन मशीनों के हिसाब से कुल 1134 ईवीएम की जरूरत होगी। वहीं गोहद में प्रत्येक केंद्र पर एक मशीन लगने से 327 ईवीएम से काम चल जाएगा।

किसी को मिला स्कूल बैग तो किसी लेडीज पर्स, चारपाई भी चुनाव चिह्न
19 अक्टूबर की दोपहर तीन बजे प्रत्याशियों की स्थिति साफ होने के बाद प्रशासन ने क्षेत्रीय पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारी कर रहे प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं, जिसमें गोहद से कांग्रेस के मेवाराम जाटव, बसपा से यशवंत पटवारी, भाजपा से रणवीर जाटव और सपा से बैजनाथ माहौर के बाद बहुजन मुक्ति पार्टी से विजय सिंह को चारपाई, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के सुनील कुमार को स्कूल बैग, अंबेडकर राइट पार्टी ऑफ इंडिया के हरिओम नागर को कोट, निर्दलीय दिनेश मुन्ना खटीक को ट्रैक्टर चलाता किसान, प्रयाग सिंह को टायर, बृजकिशोर को बैटरी टार्च, भगवानदास को एयरकंडीशनर, मातादीन को चाबी, लाल सिंह को रोबोट, वीरेंद्र को लेडीज पर्स, सुल्तान जाटव को नारियल फार्म चुनाव चिह्न मिला है।

40 प्रतिशत ईवीएम रिजर्व में रखने का प्रावधान
इसके अलावा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 40 प्रतिशत ईवीएम को रिजर्व में रखे जाने का प्रावधान है। इस हिसाब से उपचुनाव 2045 में मशीनों की जरूरत होगी। ऐसे में जिले में 331 ईवीएम कम पड़ रही है, जिसकी मांग निर्वाचन आयोग को भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में यह मशीनें जिले में आ जाएंगी।

पहले से मंगाई थी दोगुनी मशीनें, वह भी कम पड़ीं
बताया जा रहा है कि जिले में उपचुनाव को लेकर प्रशासन ने आवश्यकता से दोगुनी ईवीएम मशीनें मंगाई थी। लेकिन मेहगांव विधानसभा में 30 से ज्यादा अभ्यर्थी चुनाव मैदान में सामने आने के बाद मशीनों की कमी उपज गई। हालांकि अब निर्वाचन आयोग दूसरे जिले से भिंड के लिए मशीनों का इंतजाम कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही ईवीएम मिल जाएंगी।



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