The minor committed suicide before the boy arrived for marriage in Bhopal; Mother and brothers were sent out after being normal | भोपाल में शादी के लिए लड़का देखने आने वाला था; लड़की ने नॉर्मल रहते हुए पहले मां और भाइयों को बाहर भेज दिया, दरवाजा लगाकर दुपट्‌टे से फांसी लगा ली

The minor committed suicide before the boy arrived for marriage in Bhopal; Mother and brothers were sent out after being normal | भोपाल में शादी के लिए लड़का देखने आने वाला था; लड़की ने नॉर्मल रहते हुए पहले मां और भाइयों को बाहर भेज दिया, दरवाजा लगाकर दुपट्‌टे से फांसी लगा ली


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भोपाल24 मिनट पहले

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एमपी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • तीन भाइयों में सबसे छोटी थी, मां की देखभाल से लेकर भाइयों तक का ध्यान रखती थी
  • कॉलेज में पढ़ने के साथ ही घर पर खुद ही बच्चों को पढ़ा कर अपना खर्चा निकालती थी

भोपाल के एमपी नगर थाना क्षेत्र में 17 साल की एक नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसकी शादी की बात चल रही थी और जल्द ही उसे एक लड़का देखने आने वाला था। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिजनों के बयान के बाद पुलिस इसको ही खुदकुशी का एक कारण मान रही है। नाबालिग खुद कॉलेज में पढ़ती थी और बच्चों को भी पढ़ाती थी। फांसी लगाने के पहले उसने मां और भाईयों को पूरी तरह नॉर्मल रहते हुए घर के बाहर भेज दिया था। वह पढ़ने में होशियार भी थी।

एमपी नगर के अर्जुन नगर में रहने वाली 17 साल की नाहबीज खान पिता सगीर खान कॉलेज में पढ़ रही थी। वह घर पर ही बच्चों को भी पढ़ाती थी। शनिवार को भाईयों और मां के घर के बाहर जाने के बाद उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसे फांसी पर देख मां ने चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए। उन्होंने चाकू से दुपट्टे को काटा और लड़की को बचाने की कोशिश की। उसे लेकर अस्पताल भी पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने शव को कस्टडी में लेते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच कर रहे एएसआई आनंद सिंह ने बताया कि मृतका के घर से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आज परिजनों के बयान लिए हैं। उन्होंने बताया कि नाहबीज की मौसी से उसके लिए एक लड़का देखा था। कुछ दिन में ही उस देखने के लिए एक लड़का आने वाला था। हालांकि उसने कभी इसको लेकर अपना विरोध नहीं जताया था।

भाइयों का टिफिन बनाया और मां को अस्पताल भेज दिया

एएसआई सिंह के अनुसार नाहबीज तीन भाइयों में सबसे छोटी थी। सबसे बड़ा वाला भाई 22 साल का है। उसके पिता की करीब 6 साल पहले मौत हो चुकी थी। तीनों भाई प्राइवेट जॉब करते हैं। वह भी पढ़ाई के साथ ट्यूशन लेती थी। शनिवार सुबह उसने तीनों भाइयों के लिए टिफिन मनाया। नाश्ता करने और टिफिन लेने के बाद भाई अपने काम पर चले गए।

दोपहर बाद मां की कुछ तबीयत खराब हो रही थी, तो उन्होंने बेटी से अस्पताल चलने को कहा। नाहबीज ने कहा कि पास ही क्लीनिक है। आप वहां चली जाएं। मैं अभी घर पर ही हूं। करीब 30 मिनट बाद मां घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने एक बच्चे की मदद से किसी तरह अंदर से दरवाजे की से कुंडी खुलवाई। अंदर पहुंचने पर बेटी को फंदे देखने के बाद वे चीखने लगी।



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