औबेदुल्लागंज17 घंटे पहले
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- औबेदुल्लागंज में दशहरे पर मां काली श्रद्धालुओं काे आशीर्वाद देने और हनुमान जी का स्वरूप धारण कर युवा समारोह में होते हैं शामिल
औबेदुल्लागंज| नवरात्र के समापन पर नगर में लोधी परिवार करीब पांच दशक से मां काली और शेरों का स्वरूप धारण कर सभी झांकी पंडालों में पहुंचते हैं। यहां वे हवन कुंड की परिक्रम करते हुए नृत्य करते हैं। जहां समिति के पदाधिकारी उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
शेर का स्वरूप धारण करने वाले विजय लोधी बताते हैं कि यह परंपरा उनके दादा के समय से चली आ रही है। तब उनकी उम्र करीब 8-10 साल थी। तभी से वे शेर का स्वरूप धारण करते आ रहे हैं। वहीं, धीरालाल लोधी ने बताया कि वे करीब 45 साल से मां काली का रूप धारण कर रहे हैं। इस साल उन्हीं के परिवार के पांच वर्षीय नन्हे प्रिंस ने पहली बार शेर का रूप धारण किया।
श्रीराम मंदिर से शुरुआत
नगर में विजयादशमी पर्व पर महावीर का चोला धारण कर सोमवार को चार युवा परंपरा निभाने के लिए निकले। वे पिछले 40 दिनों से इस आयोजन के लिए कठोर साधना कर रहे थे। मुख्य मार्ग पर स्थित श्री राम मंदिर से 4 हनुमान चोला निकाले गए।
कोविड के चलते 50 वर्षों में यह पहला अवसर है जब देवी प्रतिमाओं का चल समारोह न तो शामिल किया गया और न ही अखाड़े के कलाकारों को करतब दिखाने का मौका मिला। जय हो महावीर तेरी जय हो… रघुवीर तेरी जय हो के जयकारों के बीच हनुमान चोला नगर के मुख्य मार्ग होता हुआ दशहरा मैदान पहुंचा। इस दौरान श्रीराम व लक्षण का रथ लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।