जबलपुर17 मिनट पहले
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प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
- गढ़ा फाटक बड़ी महाकाली के विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था
- संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है
शहर में सोमवार रात महाकाली प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया था। घटना के विरोध में बुधवार को 5 हिन्दू संगठन के 50 कार्यकर्ता SP ऑफिस का घेराव करने निकले। लेकिन, पहले से मुस्तैद पुलिसबल को देख कार्यकर्ता और संगठन के पदाधिकारी SP ऑफिस के 400 मीटर पहले ही ज्ञापन सौंपकर चलते बने। खुद ASP 200 पुलिसकर्मियों के साथ मोर्चा संभाले हुए थे।
प्रदर्शन में शामिल संयुक्त संगठनों ने पुलिस के लाठीचार्ज का विरोध करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों का मेडिकल कराने की मांग भी रखी।

प्रदर्शन की पूर्व सूचना पर पुलिस ने पहले से तैयारी कर रखी थी।
पांच संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे थे घेराव करने
हिन्दू धर्मसेना, हिन्दू सेवा परिषद, उत्तिष्ठ भारत, विश्व हिन्दू महासंघ और सुदर्शन वाहिनी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बुधवार दोपहर तीन बजे SP ऑफिस का घेराव करने निकले। सभी सोमवार देर रात 2 बजे गोलबाजार में गढ़ा फाटक महाकाली प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर पुलिस लाठीचार्ज का विरोध कर रहे थे।
प्रदर्शन की पूर्व घोषणा के चलते SP ऑफिस मार्ग को बैरीकेड लगाकर बंद कर दिया गया था। तहसीली चौक पर भी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। लगभग 200 पुलिस जवानों के साथ फायर ब्रिगेड, FRV, टीयर गैस वाहन, दंगा नियंत्रक वाहन बुला लिया गया। 2 CSP, 6 थाना प्रभारी के साथ ASP सिटी अमित कुमार मौके पर थे।
पुलिस की तैयारी देख पीछे खींचे कदम
घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारी पुलिस की तैयारी देख पीछे हो गए। वे तहसीली चौक पर ही ज्ञापन देने को तैयार हो गए। वहां ASP सिटी अमित कुमार को ज्ञापन सौंपकर घटना की निंदा की। विवाद का मुख्य दोषी बताते हुए यादव कॉलोनी चौकी प्रभारी सत्यानारायण कुशवाहा और कोड रेड प्रभारी अरुणा वाहने पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में सुमित सिंह, योगेश अग्रवाल, अतुज जसवानी, विकास खरे, अनिल यादव सहित अन्य लोग शामिल थे।