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- The Fuferi Sisters Said The Girl Swept Out Of The House In Anger, The Family And Police Were Stuck For 22 Hours
जबलपुरकुछ ही क्षण पहले
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संजीवनी नगर थाने में बालिका सुरभि और उसके मौजूद परिजन
- बुजुर्ग कबाड़ी को भेड़ाघाट रोड पर रोते हुए मिली थी 12 साल की बच्ची
- TI से लेकर SP तक जुटे थे बच्ची की तलाश में, जगह-जगह हो रही थी चेकिंग
आखिर 22 घंटे बाद शहर के कुंगवा से लापता बच्ची मिल गई। यह बच्ची अपनी फूफेरी बहनों से नाराज होकर घर से चली गई थी। फूफेरी बहनों ने उससे झाड़ू लगाने को कहा था, इस पर गुस्साई बच्ची पैदल ही अपने ननिहाल जाने के लिए गोटेगांव की ओर चल पड़ी थी। भेड़ाघाट रोड पर मीरगंज के पास बुजुर्ग कबाड़ी ने उसे रोते देखा तो घर ले गया। रात भर उसे बच्चों के साथ रखा। दोपहर में बालिका को संजीवनी नगर थाने लेकर पहुंचा। 22 घंटे बाद बच्ची से मिलने पर माता-पिता के खुशी से आंसू टपक पड़े।
ये थी पूरी घटना
कुंगवा निवासी पेंट-पुट्टी का काम करने वाले सोहन चौधरी के दो बच्चों में सुरभि चौधरी (12) बड़ी है। उससे छोटा 3 साल का बेटा है। पत्नी रेखा कॉलोनियों में खाना बनाती है। सोहन और रेखा रविवार सुबह 9.30 बजे काम पर निकल गए थे। बेटी सुरभि के भरोसे बेटे पिंकू को सुला कर रेखा निकली थी। पड़ोस में सोहन के जीजा रामचरण चौधरी भी रहते हैं। रविवार दोपहर 2 बजे अचानक सुरभि गायब हो गई। चारों ओर तलाश करने के बाद 7 बजे संजीवनी नगर थाने में इसकी सूचना दी गई।
TI से लेकर SP तक उतर गए मैदान में
16 अक्टूबर को 13 साल आदित्य लाम्बा संजीवनी नगर क्षेत्र से ही गायब हुआ था। तब 2 करोड़ की फिरौती मांगने वाले बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी थी। अब चौथी में पढऩे वाली सुरभि के गायब होने की सूचना पुलिस के लिए बड़ा झटका था। पुलिस ने अपहरण का प्रकरण दर्ज किया और TI से लेकर SP तक तलाश में जुट गए। सुरभि पैदल जाते हुए आखिरी बार अंध मूक बायपास स्थित CCTV में दिखी। इसके बाद पूरी रात हाइवे, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नर्मदा के घाट पर उसकी तलाश होती रही।

बालिका को सकुशल थाने पहुंचाने वाला कबाड़ी दादूराम
देवदूत साबित हुआ बुजुर्ग कबाड़ी-
उधर, सुरभि अंधमूक बायपास से भेड़ाघाट रोड पर निकल गई थी। मीरगंज के पास 65 साल दादूराम गौड़ को वह रोते हुए दिखी। दादूराम रिक्शा लेकर कबाड़ खरीदने निकला था। सुरभि पर उसे दया आ गई और उसे मदनमहल स्थित अपने घर ले गया। सुरभि ने घरवालों के बारे में कुछ नहीं बताया। फिर वह खाना खाकर सो गई।
सुबह लेकर पहुंचा मदनमहल थाने
दादूराम गौड़ रविवार दोपहर 12 बजे सुरभि को लेकर मदनमहल थाने पहुंचा। वहां से उसे संजीवनी नगर थाने ले जाया गया। बेटी के मिलने की खबर सुनकर परिजन भी थाने पहुंच गए। पुलिस को सुरभि ने बताया कि माता-पिता की गैरमौजूदगी में अक्सर फूफेरी बहनें उससे घर का काम कराती थीं। इसी से नाराज होकर वह नानी के घर गोटेगांव जा रही थी।