जबलपुर हाइकोर्ट ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक को बरकरार रखा है.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) को 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के मामले में आज हाईकोर्ट (High Court) में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद ओबीसी आरक्षण पर लगी रोक को बरकरार रखा है.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 2, 2020, 4:15 PM IST
मामले में याचिकाकर्ता ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि हाल ही में मराठा आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 3 जजों की बेंच द्वारा निर्णय दिया गया है. साथ ही बताया गया है कि किसी भी लिहाज से आबादी के परिपालन में आरक्षण नहीं दिया जा सकता. वर्ष 1993 में इंदिरा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट का न्याय द्रष्टांत है कि आबादी के लिहाज से आरक्षण का प्रावधान नहीं है. दोनों ही पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर को सभी याचिकाओं पर अंतिम बहस की तारीख मुकर्रर कर दी है. इसके बाद हाईकोर्ट मामले पर फैसला सुना सकता है.
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग को आरक्षण का प्रतिशत 14ः से बढ़ाकर 27ः कर दिया गया था, जिसे अलग-अलग वर्गों द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. मेडिकल स्टूडेंट आशिता दुबे द्वारा सबसे पहले इस मामले पर याचिका दायर की गई थी, उसके बाद बढ़े हुए ओबीसी आरक्षण पर रोक जारी है.