महेंद्र सिंह धोनी, आईपीएल 2020 में सिर्फ 200 रन बना सके. (फोटो साभार: @ChennaiIPL/Twitter)
आईपीएल 2020 में चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइटराइडर्स, किंग्स XI इलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स का खेल खत्म हो चुका है. इन चारों टीमों के कोच या कप्तानों की गलतियां इनकी नाकामी की वजह बनीं. एमएस धोनी, केएल राहुल और दिनेश कार्तिक जब देश लौट रहे होंगे तो कहीं ना कहीं वे इन फैसलों के लिए पछता भी रहे होंगे.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 4, 2020, 10:42 AM IST
गायकवाड़ को पहचानने में देरी कर बैठे धोनी
आईपीएल 2020 शुरू होने से पहले चेन्नई सुपरकिंग्स (Chennai Super Kings) को खिताब के दावेदारों में गिना जा रहा था. ‘डैड आर्मी’ कही जानी एमएस धोनी (MS Dhoni) की यह टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. खुद कप्तान धोनी बतौर कप्तान और खिलाड़ी फ्लॉप रहे. धोनी की टीम जब बुरी तरह हार रही थी कि तब उन्होंने यह कह दिया कि उनकी टीम में शामिल युवाओं में स्पार्क नहीं है. 23 साल के ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) ने धोनी के इस बयान के बाद लगातार 3 अर्धशतक लगाकर साबित किया कि अगर धोनी ने उन्हें पहले मौका दिया होता तो टीम की किस्मत कुछ और हो सकती थी. गायकवाड़ ने 6 मैच में 51.00 की औसत से 204 रन बनाए. चेन्नई के बल्लेबाजों में सबसे अधिक औसत गायकवाड़ की ही रही.
कुंबले और केएल का ब्लंडर और गेलयह पहली बार देखने को मिला कि किसी टीम में क्रिस गेल (Chris Gayle) हों और उन्हें प्लेइंग XI में जगह नहीं मिला. किंग्स XI पंजाब (Kings XI Punjab) वह टीम है, जिसने आईपीएल 2020 में क्रिस गेल को शुरुआती सात मैचों में मैदान पर उतारा ही नहीं. यह साफ था कि कोच अनिल कुंबले (Anil Kumble) और कप्तान केएल राहुल (KL Rahul) की स्ट्रेटजी और टीम कॉम्बिनेशन में क्रिस गेल फिट नहीं थे. कोच और कप्तान की स्ट्रेटजी फेल हो गई और आखिर में गेल को प्लेइंग XI में जगह दी गई. गेल के आते ही पंजाब की किस्मत बदली. उसने गेल के रहते हुए 7 में से पांच मैच जीते. हालांकि, इसके बावजूद पंजाब की टीम प्लेऑफ से बाहर हो गई. कुंबले और केएल का गेल को बाहर रखने का फैसला यकीनन ब्लंडर ही था.
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मोर्गन की बैटिंग आते-आते केकेआर का खेल हो गया कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) की टीम आईपीएल 2020 की सबसे बदकिस्मत टीम रही, जो नेट रनरेट में पिछड़कर प्लेऑफ से बाहर हो गई. अब नेट रन रेट की कहानी तो अलग सही. अभी टीम के उस ब्लंडर की बात, जिसने उसे पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया. यह बात इंग्लैंड के ऑयन मोर्गन (Eoin Morgan) से जुड़ी है. विश्व विजेता कप्तान मोर्गन केकेआर के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज थे. लेकिन ना तो शुरुआती कप्तान दिनेश कार्तिक और ना ही खुद मोर्गन ने अपनी काबिलियत का इस्तेमाल किया. बैटिंगऑर्डर में मोर्गन बार-बार नीचे आते रहे. कई बार वे छठे नंबर पर आए. वह भी तब जब ऊपर के पांच बल्लेबाज में से कोई भी बड़ा मैच विनर नहीं था. अब अपने बेस्ट बल्लेबाज को पांचवें छठे नंबर पर लाओगे तो यही होगा कि या तो मैच हारोगे या गिरते-पड़ते जीतोगे. इसीलिए केकेआर भी पूरे टूर्नामेंट में कमजोर और लड़खड़ाती नजर आई.
The three captains are all set for the #JioWomensT20Challenge.
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बटलर मोर्गन की बैटिंग आते-आते केकेआर का खेल हो गया
इंग्लैंड के जॉस बटलर (Jos Buttler) ऐसे खिलाड़ी हैं, जो दो-तीन ओवर में मैच का नक्शा पलट देते हैं. उनकी इसी खूबी की वजह से इंग्लैंड की टीम उन्हें टी20 मैचों में बतौर ओपनर इस्तेमाल करती है. बटलर आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के लिए खेलते हैं. इस टीम के कप्तान ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ (Steve Smith) थे. अब इसे ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के कनेक्शन से जोड़ने की जरूरत तो नहीं है. लेकिन इतना तय है कि स्टीव स्मिथ ने अपने इस शानदार ओपनर को फिनिशर बनाने के चक्कर में टीम की उम्मीदें फिनिश ही कर दीं. बटलर ने जिस तरह से बैटिंग की और 13 मैच में 144 के स्ट्राइक रेट से 328 रन बनाए. उससे तय है कि वे फॉर्म में थे, लेकिन स्मिथ की स्ट्रेटजी टीम के लिए ब्लंडर साबित हुई.