अनदेखी: दो माह से मड़ैयापुरा का ट्रांसफार्मर खराब अंधेरे में मनेगी सैकड़ों लोगों की दीपावली

अनदेखी: दो माह से मड़ैयापुरा का ट्रांसफार्मर खराब अंधेरे में मनेगी सैकड़ों लोगों की दीपावली


अटेर5 घंटे पहले

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दो महीने से खराब गांव की डीपी, लोग परेशान ।

  • मोबाइल चार्ज करने और गेहूं पिसवाने के लिए दूसरे गांव जाते हैं लोग, अफसर दे रहे आश्वासन

अटेर तहसील के निकटवर्ती ग्राम कोषड़ के पास स्थित मड़ैयापुरा गांव में 60 परिवार निवास करते हैं। लेकिन यहां बिजली कंपनी की लापरवाही से ये परिवार अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की शिकायत है कि यहां डीपी रखी है लेकिन वह केवल दिखावे के लिए सफेद हाथी बनी है। बिजली के बिना लोगों के मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में बिजली कंपनी के अधिकारियों को शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मड़ैया के निवासी अरुण, ज्ञाप्रसाद,लज्जाराम, बहादुर, लवकुश, बलराम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कंपनी ने लाइन डालकर बिजली सप्लाई दी थी लेकिन पिछले तीन माह से डीपी से सप्लाई बंद है।

लोगों का कहना है कि डीपी खराब हो गई है। इसके चलते पूरे गांव में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। घरों में उजाले के महिलाओं को चिमनी या तेल के दीयों का सहारा लेना पड़ता है। बिजली न हाेने से लोगों के मोबाइल भी चार्ज नहीं होते ऐसे में मजबूर लोगों को दूसरे गांव जाकर मोबाइल चार्ज करने पड़ते हैं। कुछ युवा सुबह मोबाइल लेकर दूसरे गांव निकल जाते हैं और वहां मोबाइल चार्ज करके लाते हैं। इसके अलावा बिजली के बिना गांव में स्थित बोरवेल भी नहीं चलते जिससे लोग पानी के लिए परेशान होते हैं। या तो यहां मौजूद एकमात्र हैंडपंप से पानी मिलता है या फिर दूरदराज से पानी लाना पड़ता है। बिजली के अभाव में लोग परेशान हैं।

ग्रामीण बोले- हम बिजली का बिल देने के लिए तैयार फिर भी बहाल नहीं सप्लायी, कई बार की शिकायत
मड़ैया के ग्रामीण लज्जाराम का कहना है कि दिवाली का त्योहार निकट है। इसे रोशनी का त्योहार कहा जाता है। लोग दिवाली पर बिजली की मालाओं से घर सजाएंगे लेकिन ऐसे में हमारे गांव में बिजली न होने से उन्हें अंधेरे में दिवाली मनानी पड़ेगी। बिजली कंपनी के अफसर सुनवाई नहीं कर रहे। हम बिल भी देने को तैयार हैं लेकिन गांव की सप्लाई बहाल की जानी चाहिए। गांव के रहने वाले बलराम ने बताया कि पिछले दिनों गांव के युवा बिजली कंपनी के कार्यालय में शिकायत भी करा चुके हैं लेकिन फिर भी कंपनी ने हमारे गांव की सुध नहीं ली है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को केवल आश्वासन दिया है कि गांव की बिजली क्यों बंद है। इसे दिखवाकर सही कराया जाएगा।

रात के समय बाहर निकलना मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से रात के समय घुप अंधेरा छा जाता है ऐसे में यदि किसी को रात के समय गांव से बाहर जाना पड़े तो मार्ग तक नहीं दिखाई देता। सायं को अंधेरा होने के बाद लोग घरों से न निकलना ही उचित समझते हैं। छोटे सिंह ने बताया कि बड़े शहरों में अनावश्यक लाइट जलती रहती है लेकिन यहां त्योहार के समय गांव में बिजली न होना चिंता की बात है।

जेई को कई बार फोन लगाया, बंद रहा नंबर
भास्कर संवाददाता ने इस समस्या को लेकर अटेर स्थित बिजली कंपनी के जेई वी सरकार से उनका पक्ष जाने के लिए बात करनी चाही तो उनका मोबाइल नंबर 9340419925 स्विच ऑफ जा रहा था। इससे उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की शिकायत करने के लिए कई बार अफसरों को फोन लगा चुके हैं, लेकिन अफसर सुनने को तैयार ही नहीं है।



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