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- IITN Has Left The Job For Theater, While The Engineer Wants To Spread The Color Of Theater In The Kashmir Valley
भोपाल12 मिनट पहले
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कानपुर से आईं सुचित्रा गांगुली निर्णायकों के सामने नृत्य और अभिनय का प्रदर्शन करती हुई।
- मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में नए बैच के चयन के लिए परीक्षा
- देशभर से आए प्रतिभागी कर रहे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन
एक ने रंगमंच के लिए बड़ी जॉब छोड़ दी तो दूसरे ने इंजीनियरिंग करने के बाद रंगमंच को इसलिए चुना क्योंकि वो अनंतनाग जम्मू कश्मीर से आता है। जहां आतंकवाद, गोलीबारी की घटनाएं आम है। वह रंगमंच की ट्रेनिंग लेकर जम्मू कश्मीर में युवाओं को इससे जोड़ेगा। कुछ इसी तरह देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में चयन के लिए कर रहे हैं।
हर कसौटी पर परखा
भोपाल के रवींद्र भवन में देशभर से आए युवा रंगकर्मी को हर कसौटी पर परखा जा रहा है। दर्शक दीर्घा में चयनकर्ता के रूप में वरिष्ठ रंगकर्मी राजीव वर्मा, वरिष्ठ रंगकर्मी वीणा शर्मा, वरिष्ठ रंगकर्मी अमित रंजन बनर्जी, वरिष्ठ रंगकर्मी राजकमल नायक और रंगकर्मी प्रियंका शक्ति ठाकुर मौजूद रहे।
चयनकर्ता हर प्रतिभागी को 10 से 15 मिनट तक परख रहे हैं। इसमें प्रतिभागी जिस क्षेत्र से उससे संबंधित उससे सवाल किए जा रहे हैं। आपने किन रंगकर्मियों के साथ काम किया। आपके क्षेत्र के पांच बड़े रंगकर्मियों के नाम बताइए। साथ ही कविता, गीत और नृत्य के जरिए अपनी ओवरऑल टैलेंट को दिखाने का प्रयास प्रतिभागी कर रहे हैं।
रंगमंच के लिए छोड़ी बड़ी नौकरी
सुचित्रा गांगुली ने बताया कि मैंने आईआईटी मद्रास से मैथमैटिक्स में एमएससी किया। इसके बाद देश के टॉप कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ाया। लेकिन मन नहीं लगा तो थिएटर के लिए सब छोड़ दिया। अब बस रंगमंच ही करना है। इसमें सेटिस्फेक्शन मिलता है। दुनिया को देखने का नजरिया मिलता है।
अनंतनाग जम्मू कश्मीर में शुरु करूंगा थिएटर ग्रुप
जम्मू कश्मीर अनंतनाग से आए जुनेद फयाज ने बताया कि मैंने कंप्यूटर से इंजीनियरिंग की। उस वक्त लगा कि मुझे ये नहीं करना। तब जॉब छोड़ दी और अब थिएटर कर रहा हूं। अनंतनाग में आर्ट फॉर्म थिएटर पॉपुलर नहीं है। यह आर्ट फॉर्म वहां जाएगा तो वहां के युवाओं को एक नई राह मिल जाएगी। इसलिए मेरी इच्छा ट्रेनिंग लेकर वहां थिएटर ग्रुप शुरु करने की है।