- Hindi News
- Local
- Mp
- Bhopal
- Madhya Pradesh Niwari Child Rescue Operation Update; IPS Nagendra Singh Writws An Emotional Post For His Wife On Karwa Chauth
भोपाल4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
सड़क पर पत्नी वाहिनी सिंह का करवा चौथ का व्रत खुलवाते पति नागेंद्र सिंह IPS।
- SP वाहिनी सिंह करवा चौथ के दिन सोलह श्रंगार छोड़ वर्दी में मौके पर डटी रहीं
- पति ने भावुक पोस्ट करके तारीफ की, तो CM ने भी ट्वीट कर प्रशंसा की
बुधवार को करवाचौथ पर जब महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए सोलह श्रंगार करके निर्जला व्रत रख रही थीं, तभी मध्यप्रदेश के निवाड़ी की महिला SP वाहिनी सिंह साज-श्रंगार छोड़ वर्दी पहनकर बोरवेल में गिरे बच्चे को बचाने में जुटी थीं। चांद निकलते ही उनके आईपीएस पति ने मौके पर पहुंचकर उनका व्रत खुलवाया। इस कर्तव्य परायणता की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्वीट करके तारीफ की है।

IPS दंपति नागेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वाहिनी सिंह। वाहिनी निवाड़ी की SP हैं और वह बच्चे को बचाने के लिए पृथ्वीपुर में कैंप कर रही हैं।
निवाड़ी SP वाहिनी सिंह के पति नागेंद्र सिंह भी IPS अधिकारी हैं। करवाचौथ के दिन SP वाहिनी ने पति नागेंद्र सिंह के लिए करवाचौथ व्रत रखा था और करवा चौथ वाले दिन ही नागेंद्र सिंह का जन्मदिन भी था, लेकिन जब पृथ्वीपुर में बच्चा प्रह्लाद गहरे बोरवेल में गिर गया, इसकी खबर निवाड़ी SP को मिली तो सब कुछ भूल कर तुरंत ही मौके पर पहुंच गईं और ड्यूटी पर जुटी गईं।

आईपीएस नागेंद्र सिंह भोपाल में पीएचक्यू में पदस्थ हैं।
IPS पति नागेंद्र सिंह ने लिखी इमोशनल पोस्ट
IPS पति नागेंद्र सिंह ने इस घटनाक्रम को देखकर भावुक हो गए और उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर पत्नी के लिए पोस्ट लिखा। जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। लोग इस पर कमेंट्स कर रहे हैं और पोस्ट को शेयर भी कर रहे हैं। उन्होंने लिखा- कल करवा चौथ था और मेरा जन्मदिन भी, बड़े दिनों के बाद मुश्किल से छुट्टी लेकर पुलिसिया शोर से दूर अपनी भार्या को समय देने आया था, पर नियति कहां सुनती है, सुबह-सुबह सूचना लगी कि एक मासूम पृथ्वीपुर में बोरवेल में 200 फीट नीचे चला गया। फिर क्या था श्रीमती जी तत्काल वर्दी डाल बिना कुछ सोचे लग गईं। उस मासूम के लिए सेना बुलाई गई, आपदा राहत बल भी आ गया पर कप्तान साहिबा लगातार लगी रही।

IPS दंपती।
बचाव कार्य लगातार जारी है, हम सब उस मासूम के जीवन के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, परंतु इस सब के बीच याद ही नहीं रहा कि पत्नी ने करवा चौथ का व्रत रखा है, कई बार कहा कि आज व्रत मत करो पर मेरी एक ना सुनी गई। जब याद आया तो रात के 9 बजने को थे। आनन-फानन में सड़क किनारे उनका व्रत चांद दिखा कर बोतल से पानी पिला कर खुलवाया। मिन्नतें कर के कुछ खाना खिलाया और वो फिर लग गई अपने काम में।
शायद ही किसी संस्कृति में ऐसा देखने को मिलता है कि एक स्त्री इतने कठोर नियमों का पालन करती हो, परंतु नारी यदि ठान ले तो क्या नहीं कर सकती। किस्सा छोटा सा है पर बात बहुत बड़ी है। मैं उन सभी नारियों को कोटि कोटि नमन करता हू जो अपने कर्तव्य के प्रति कृत संकल्प हैं। बचाव कार्य अभी जारी है, उस मासूम के लिए प्रार्थना जरूर करते रहिए।