ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में गेम चेंजर साबित हुई बसपा, BJP-कांग्रेस दोनों का किया नुकसान

ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में गेम चेंजर साबित हुई बसपा, BJP-कांग्रेस दोनों का किया नुकसान


ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव (By-election) में परिणाम के बाद अब जीत हार के कारणों की समीक्षा व समीकरण तय किए जा रहे हैं.

भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव (By-election) में परिणाम के बाद अब जीत हार के कारणों की समीक्षा व समीकरण तय किए जा रहे हैं. उपचुनाव के बीजेपी (BJP) के पक्ष में रहे. 28 में से 19 सीटों पर बीजेपी और 9 पर कांग्रेस (Congress) के प्रत्याशियों को जीत मिली है. बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के गढ़ ग्वालियर चंबल अंचल की सीटों पर सबकी नजर बनी हुई थी. क्योंकि यहां के परिणाम सिंधिया के साख के साथ भी जुड़े हुए थे. यहां की सीटों में बहुजन समाज पार्टी (BSP) गेम चेंजर साबित हुई है.

उपचुनाव परिणाम के बाद जारी वोटों के आंकड़ों के अनुसार उपचुनाव की करीब 6 ऐसी सीटें हैं, जहां बसपा (BSP) के प्रदर्शन का प्रभाव जीत हार पर पड़ा है. हालांकि इसमें से एक भी सीट बसपा जीतने में कामयाब नहीं हो पाई है. आंकड़ों के मुताबिक पोहरी सीट पर बीएसपी के उम्मीदवार को कांग्रेस से ज्यादा 43 हजार 747 वोट मिले. यहां से बीजेपी प्रत्याशी सुरेन्द्र धाकड़ की जीत हुई और दूसरे नंबर पर बसपा उम्मीदवार कैलाश कुशवाहा रहे. इसके अलावा कई सीटों पर बसपा ने बीजेपी या कांग्रेस उम्मीदवारों का खेल बिगाड़ा. 4 सीटों पर कांग्रेस तो 2 सीटों पर बीजेपी को नुकसान हुआ.

इन सीटों पर भी प्रभाव
उपचुनाव में बसपा ने 5 सीटों पर पांच अंकों में वोट हासिल किए. इनमें से 2 सीटों पर 40 हजार से ज्यादा वोट बसपा को मिले. उपचुनाव की जौरा सीट पर बसपा उम्मीदवार सोनेराम कुशवाहा को 47 हजार 881 वोट मिले. जबकि मुरैना सीट से बसपा प्रत्याशी राम प्रकाश रजौरिया को 42 हजार 388 वोट मिले. इसके अलावा 2 सीटों पर बसपा उम्मीदवारों को 20 हजार से ज्यादा वोट मिले. इनमें मेहगांव में बसपा उम्मीदवार योगेश नरवरिया को 21 हजार 960 व मलहरा सीट से अखंड प्रताप सिंह को 20 हजार 424 वोट मिले. दिमनी से बसपा प्रत्याशी को 10 हजार 235 वोट मिले. इन सीटों पर चुनाव परिणाम प्रभावित करने में बसपा प्रत्याशियों की भूमिका अहम मानी जा रही हैं. इनमें से ज्यादातर सीटें सिंधिया का गढ़ ग्वालियर चंबल अंचल की हैं.





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