अपने आखिरी मैच में सचिन तेंदुलकर के वो शब्द जिसने पूरी दुनिया की आंखों में भर दिए थे आंसू

अपने आखिरी मैच में सचिन तेंदुलकर के वो शब्द जिसने पूरी दुनिया की आंखों में भर दिए थे आंसू


मुंबई: क्रिकेट के भगवान और भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 2013 में आज ही के दिन क्रिकेट को अलविदा कहा था. 16 साल की छोटी सी उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले इस खिलाड़ी ने सभी को अपना दिवाना बना लिया था. 24 साल के अपने शानदार क्रिकेट करियर में सचिन ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की लेकिन उनके स्वभाव से उनकी कामयाबी का अंदाजा लगाना नामुमकिन था.  

सचिन (Sachin Tendulkar) ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अपने मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था. ये सचिन का 200वां टेस्ट था. इस टेस्ट मैच में सचिन ने 74 रनों की पारी खेली थी और वह नरसिंह देवनारायण की गेंद पर आउट हुए थे. भारत ने यह मैच पारी और 126 रनों से जीता था.

मैच के बाद उन्होंने शानदार भाषण दिया था जिसने पूरे विश्व भर के क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया था. भाषण में सचिन ने कहा था, ‘22 यार्ड और 24 साल के बीच में जो मेरी जिंदगी रही, यह विश्वास करना मुश्किल है कि वो सफर खत्म हो चुका है’.

 

उन्होंने कहा था, ‘मैं आप सभी का अपने दिल से शुक्रिया कहना चाहता हूं. साथ ही कहना चाहता हूं कि समय बहुत जल्दी बदलता है लेकिन आपने मेरे पास जो यादें छोड़ी हैं वह हमेशा के लिए मेरे साथ रहेगी. खासकर, सचिन, सचिन की गूंज जो आखिरी सांस तक मेरे कानों में गूंजती रहेगी’.

बता दें कि सचिन (Sachin Tendulkar) ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 200 टेस्ट, 463 वनडे और एक टी-20 मैच खेला है. वह पहले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 100 शतक बनाए हैं. वनडे में उन्होंने 18, 426 रन बनाए हैं जिसमें 49 शतक शामिल हैं. टेस्ट में उनके नाम 15, 921 रन हैं. खेल के सबसे लंबे प्रारूप में उन्होंने 51 शतक लगाए हैं. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2006 में एकमात्र टी-20 मैच खेला था जिसमें उन्होंने सिर्फ 10 रन बनाए थे.

(इनपुट-आईएएनएस)





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