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भोपालएक घंटा पहले
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उपचुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस का पुनर्गठन होगा। इससे पहले प्रदेश कमेटी को भंग किया जाएगा और करीब 2 हजार नियुक्तियां रद्द करने की तैयारी है।
- उपचुनाव में हार के बाद कार्यकारिणी में होगा बड़ा बदलाव
- हाईकमान ने एमपी के लिए कमलनाथ को दिया है फ्री हैंड
उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस का पुनर्गठन किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग कर जल्द ही 2 हजार से ज्यादा नियुक्तियों को रद्द करने की तैयारी है। वर्ष 2018 के चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर और उपचुनाव से पहले विधानसभा क्षेत्र प्रभारी, सह प्रभारी सहित करीब 3 हजार से ज्यादा पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। इस बारे में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बयान में कहा कि हाल में हुईं नियुक्तियों को रद्द करने की प्रक्रिया जल्द होगी। उपचुनाव में हार के बाद विधायक दल की बैठक में कमलनाथ ने कहा था कि 19 जिलों के विधानसभा प्रभारी रिपोर्ट सौंपे। दीपावली के बाद बैठक में इस पर चर्चा की जाएगी।
उपचुनाव हारने के बाद प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 13 नवंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान कमलनाथ ने 19 सीटों पर हार की वजहों की जानकारी सोनिया गांधी को दी थी। इसके बाद उन्होंने कमलनाथ को मध्य प्रदेश में संगठन में बदलाव के निर्देश दिए। मध्य प्रदेश के मामले में हाई कमान पहले ही कमलनाथ को फ्री हैंड दे चुका है। कमलनाथ फिलहाल दिल्ली में हैं। माना जा रहा है कि कमलनाथ के भोपाल लौटने के बाद प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया जाएगा।
बावरिया ने की थीं ताबड़तोड़ नियुक्तियां
प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने वर्ष 2018 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी टीम में 50 से ज्यादा नेताओं को शामिल कर लिया था। इस दौरान प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के निर्देश पर हर जिला अध्यक्ष ने मंडल प्रभारी और पन्ना प्रमुखों की नियुक्तियां हुई थीं। इसके साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी में भी 150 से अधिक महासचिव, सचिव और सह सचिवों की नियुक्ति की गई थीं।
उपचुनाव में बनाए प्रभारी, सह प्रभारी व समन्वयक
उपचुनाव से पहले 19 जिलों की 28 सीटों के लिए विधानसभा प्रभारी, सहप्रभारी, समन्वयक, सह समन्वयकों के अलावा इन जिलों के अध्यक्षों ने वार्ड स्तर पर कई नियुक्तियां कर दी थी। जिन्हें रद्द करने की तैयारी है।