MP की राजनीति में इन दिनों गाय पर फोकस है,
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सिंह चौहान सरकार (Shivraj Singh Chauhan Government) ने गो-रक्षा के क्षेत्र में कुछ अहम निर्णय लिए हैं.
सीए्म ने कहा पर्यावरण संरक्षण के लिए गौ संरक्षण जरूरी है. पहले बैठक सलारिया में होनी थी लेकिन कोविड के कारण बैठक यहां की है. आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए भी गौधन जरूरी है. स्वाबलंबन के लिए गौ माता, इस एजेंडे के साथ बैठक शुरू करेंगे.बैठक के दौरान गौ मूत्र एवं गौ उत्पादों के औषधि के तौर पर उपयोग के बारे में चर्चा की गई.
ऐसे होगा गौ संवर्धन
काऊ कैबिनेट के दौरान सीएम ने कहा पर्यावरण बचाने गो काष्ठ का उपयोग बढ़ाएंगे. सहभागी विभाग गौ संरक्षण में सक्रिय होंगे. यह सिर्फ बैठक के लिए नहीं,आत्मनिर्भर एमपी के प्रयासों में गौ धन का उपयोग बढ़ाया जाएगा.स्वावलंबन के लिए गौ माता की अवधारणा लागू करेंगे. सिर्फ पशुपालन विभाग ही नहीं अन्य सभी विभाग भी मिलकर भूमिका निभाएंगे. गौ शालाओं को स्वावलंबी बनाएंगे. गाय के गोबर और गौ मूत्र का हम कैसे बेहतर उपयोग करें इस पर सुझाव लेकर काम शुरू करेंगे. अनेक गौ शाला, संस्थाएं इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं. इस पर सहमति बनी कि स्व सहायता समूह गौ शाला का संचालन करें. । सीएम ने कहा बड़ी संख्या में गौ शाला बनाई जाएगी, समाज का सहयोग लिया जाएगा.
सालरिया में गौ संगोष्ठी
कैबिनेट की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सालरिया में बना गौ अभ्यारण अनुसंधान केंद्र के रूप में तब्दील किया जाएगा. बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सालरिया रवाना हुए जहां पर गौ संगोष्ठी का आयोजन किया गया था. इस गौ संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ धर्म शास्त्रियों को भी बुलाया गया था.