स्नान पर्व: सिद्धवट पर वैकुंठ चतुर्दशी का मेला, स्नान व दूध चढ़ाने आए श्रद्धालु

स्नान पर्व: सिद्धवट पर वैकुंठ चतुर्दशी का मेला, स्नान व दूध चढ़ाने आए श्रद्धालु


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उज्जैन21 घंटे पहले

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सिद्धवट पर वैकुंठ चतुर्दशी का मेला

  • पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान भी किया

वैकुंठ चतुर्दशी के पर्व पर शनिवार को सिद्धवट पर श्रद्धालुओं ने शिप्रा में डुबकी लगाई और भगवान सिद्धनाथ को दूध चढ़ाया। अक्षयवट पर भी दूध अर्पित किया वैकुंठ चतुर्दशी पर मालवांचल के श्रद्धालुओं के आगमन को देखते यहां मेले की परंपरा है।

कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन द्वारा मेले की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद सुबह से ही यात्रियों के जत्थे स्नान के लिए पहुंचे। स्नान कर भगवान सिद्धनाथ व वटवृक्ष को दूध अर्पित किया। दूध अर्पण के लिए लंबी कतार लगी थी। पं. सुरेंद्र चतुर्वेदी के अनुसार दिनभर स्नान पर्व की गहमागहमी रही। इसके अलावा लोगों ने अपने पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध पिंडदान भी किया। रविवार को भी स्नान का सिलसिला चलेगा। रविवार को स्नान-दान की पूर्णिमा मानी गई है।

कल रामघाट पर स्नान व दीपदान, आश्रम में तुलसी पौधे रोपेंगे

धर्माधिकारी गौरव उपाध्याय के अनुसार 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान रामघाट पर होगा। रामघाट पर श्रद्धालु शिप्रा में स्नान कर पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान आदि के साथ दीपदान करेंगे। दीपदान के लिए शाम को शहरी नागरिक भी पहुंचेंगे। इधर रामघाट तीर्थपुरोहित सभा 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर इंदौर रोड स्थित श्री अरविंद आश्रम में तुलसी के पौधों का रोपण करेगी।



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