Ola और Uber जैसी कंपनियों के लिए भारत सरकार ने बनाई नई गाइडलाइन, यहां देखें

Ola और Uber जैसी कंपनियों के लिए भारत सरकार ने बनाई नई गाइडलाइन, यहां देखें


कैब सुविधा देने वाली कंपनियों के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन बनाई.

सरकार (Govt) द्वारा जारी गाइडलाइन (Guideline) के अनुसार अब एग्रीगेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर ड्राइवर (Every driver) को कम से कम 5 लाख रुपये का हेल्थ बीमा (Health insurance) उपलब्ध हो जो हर साल 5 प्रतिशत की दर से बढ़ाया जाए.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 30, 2020, 11:22 AM IST

नई दिल्ली. कैब सुविधा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए भारत सरकार ने नई मोटर वाहन एग्रीगेटर गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. अब ओला और उबर जैसी कंपनियां पहले की तरह यात्रियों से मनमाना किराया नहीं वसूल पाएंगी. बीते शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने इन गाइडलाइन्स को जारी की है. मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) एक्ट 2019 के तहत अब एग्रीगेटर को किसी भी राज्य में कैब चलाने के लिए राज्य सरकार से पहले लाइसेंस लेना होगा और राज्य सरकारों को केंद्र द्वारा बनाए नियम लागू करने होंगे.

ड्राइवरों के लिए क्या हुए हैं बदलाव ?- सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार अब एग्रीगेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर ड्राइवर को कम से कम 5 लाख रुपये का हेल्थ बीमा उपलब्ध हो जो हर साल 5 प्रतिशत की दर से बढ़ाया जाए.

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हर ड्राइवर को 10 लाख का टर्म इंश्योरेंस मिले- ड्राइवर के लिए कंपनियों द्वारा साल में एक बार ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जाए. कंपनी के साथ जुड़ने वाले हर नए ड्राइवर के लिए 5 दिन का अनिवार्य ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा जाए, जिससे उन्हें रोड सेफ्टी से संबंधित सभी जानकारियां दी जाए.ऐप में बदलाव संबंधी क्या हैं नए नियम ?- एग्रीगेटर को ऐप के संबंध में यह निर्देश दिया गया है कि अब उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐप को हिंदी और अंग्रेजी दो प्राइमरी भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सके और ऐसे राज्य जहां कि ऑफिशियल भाषा हिंदी नहीं है वहां उस राज्य की भाषा के साथ ऐप इस्तेमाल करने का विकल्प हो. एग्रीगेटर को ऐप द्वारा जुटाए गए डाटा को भारत में बने सर्वर में ही स्टोर करना होगा. यह डाटा न्यूनतम 3 महीने और अधिकतम 24 महीने के लिए ही स्टोर किया जा सकेगा.

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कस्टमर के लिए क्या होंगे बदलाव ?- पूलिंग की सुविधा अब उन्हीं कस्टमर्स को दी जाएगी जिनकी KYC डिटेल उपलब्ध होगी. पूलिंग के दौरान अब महिलाओं को सिर्फ महिलाओं के साथ ही पूलिंग का ऑप्शन दिया जाएगा.

किराए में क्या होंगे बदलाव ?  

>>जिन राज्यों में शहरी टैक्सी का किराया राज्य सरकार ने निर्धारित नहीं किया है, वहां बेस फेयर 25-30      रुपये ही माना जाएगा.

>>ड्राइवर को 80% किराया मिलेगा, जबकि कंपनियों के पास 20% ही किराया जाएगा.

>>कैंसिलेशन फीस को कुल किराये का 10% किया गया है, जो राइडर और ड्राइवर दोनों के लिए 100        रुपए से अधिक नहीं होगा.

>>एग्रीगेटर को बेस फेयर से 50% कम चार्ज करने की अनुमति होगी. बेस फेयर न्यूनतम 3 किलोमीटर        के लिए होगा.





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